दिल्ली में IGNCA द्वारा 24 से 26 सितंबर तक 7वें नदी उत्सव का आयोजन

7th Nadi Utsav

The 7th Nadi Utsav is organized by the Indira Gandhi National Centre for the Arts (IGNCA) at the Janpath Building in New Delhi from September 24 to 26, 2026. This year’s festival focuses on the Yamuna River

दिल्ली : नदियों की चिंता पर केंद्रित ‘नदी उत्सव’ का सातवां संस्करण 24 सितंबर से प्रारम्भ होने जा रहा है। इस बार यमुना नदी पर केन्द्रित होगा नदी उत्सव। गत छह संस्करणों से अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके सातवें नदी उत्सव का आयोजन संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार का स्वायत्त संस्थान इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (आईजीएनसीए) कर रहा है। इसका उद्घाटन दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू आईजीएनसीए के समवेत सभागार में 24 सितंबर को अपराह्न 4.30 बजे करेंगे। यह जानकारी सोमवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस को आईजीएनसीए के जनपद सम्पदा प्रभाग के अध्यक्ष प्रो. के. अनिल कुमार, मीडिया सेंटर के नियंत्रक श्री अनुराग पुनेठा और नदी उत्सव के संयोजक अभय मिश्रा ने भी संबोधित किया। इस बार नदी उत्सव की थीम है – ‘शाश्वत यमुना’।

24 सितंबर से प्रारम्भ हो रहे नदी उत्सव कार्यक्रम उद्धघाटन के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली के उपराज्यपाल, तरनजीत सिंह संधू उपस्थित रहेंगे। मुख्य वक्ता के रूप में प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु, लेखक एवं दार्शनिक स्वामी अवधेशानंद गिरि जी का उद्बोधन होगा, वहीं सम्मानित अतिथि के रूप में प्रख्यात कथक गुरु, नृत्यांगना एवं नृत्य निर्देशक डॉ. शोवना नारायण उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईजीएनसीए के अध्यक्ष राम बहादुर राय करेंगे तथा स्वागत सम्बोधन आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी द्वारा दिया जाएगा।

यमुना नदी पर केन्द्रित होगा नदी उत्सव की थीम है – ‘शाश्वत यमुना’: डॉ. सच्चिदानन्द जोशी

#IGNCA: डॉ. सच्चिदानन्द जोशी ने बताया कि भारत में नदियां केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परम्पराओं और जीवन का अभिन्न हिस्सा रही हैं। नदियों के किनारे हमारी सभ्यताएं विकसित हुईं और उनके साथ अनेक अनुष्ठान, लोक परम्पराएं और सांस्कृतिक सम्बन्ध जुड़े। नदी उत्सव का उद्देश्य इसी सांस्कृतिक सम्बन्ध और चेतना को पुनः सामने लाना तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। आज जब यमुना सहित अनेक नदियां प्रदूषण और संकट का सामना कर रही हैं, तब यह आवश्यक है कि विद्यालयों और महाविद्यालयों में पढ़ने वाली नई पीढ़ी नदियों से केवल उपयोग की दृष्टि से नहीं, बल्कि संवेदना और जिम्मेदारी के भाव से जुड़े। नदी उत्सव इसी जागरूकता को साहित्य, सिनेमा और अन्य रचनात्मक माध्यमों के जरिए व्यापक बनाने का एक प्रयास है। उन्होंने आगे कहा, हमारी कोशिश है कि इस सम्बन्ध और चेतना को नई पीढ़ी तक भी पहुंचाया जाए। नई पीढ़ी यह समझे कि नदियों के साथ हमारा सम्बन्ध केवल उपयोग का नहीं, बल्कि संस्कृति, परम्परा और जीवन का सम्बन्ध है।

प्रेस कांफ्रेंस में प्रो. के. अनिल कुमार ने कहा कि नदियां केवल एक भौतिक इकाई नहीं हैं, बल्कि भारत की संस्कृति, परम्पराओं और जीवनधारा का अभिन्न हिस्सा हैं। आज आवश्यकता है कि नई पीढ़ी को नदियों के इस गहरे सांस्कृतिक सम्बन्ध से परिचित कराया जाए और उनके प्रति संवेदना तथा जागरूकता को पुनः सुदृढ़ किया जाए।

तीन दिनों तक चलने वाले नदी उत्सव में कई प्रकार के कार्यक्रम होंगे आयोजित

#7th Nadi Utsav: तीन दिनों तक चलने वाले नदी उत्सव में कई प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें नदियों और नदी संस्कृति पर आधारित फिल्म फेस्टिवल, प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विचार गोष्ठियां शामिल हैं। 7वां नदी उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नदी, संस्कृति, पर्यावरण और समाज के अंतर्संबंधों को समझने का एक समग्र प्रयास है।

#7th Nadi Utsav: जानिए क्या है प्रमुख कार्यक्रम

संगोष्ठी का कार्यक्रम
विषय – शाश्वत यमुना: संघर्ष के आख्यान, जैविक उपचार और सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन-अंगीठी
तिथि: 24 – 25 सितंबर 2026, प्रातः 10 बजे से सायं 4:30 बजे

फिल्म फेस्टिवल

विषय – नदी को याद है : इतिहास, समय और पुरालेख
तिथि: 25 – 26 सितंबर 2026, प्रातः 10:30 से सायं 5:30 बजे

प्रदर्शनियां – 24-30 सितंबर 2026, प्रातः 10 से सायं 7 बजे
लुप्त-यमुना : दैवीय कृपा, संस्कृति एवं जीवन्त सम्पदा की नदी
सीकिंग यमुना
लीप ऑफ़ होप
द शेप ऑफ़ अ रिलेशनशिप
यारी : यमुना रिवर इनिशिएटिव

सांस्कृतिक प्रस्तुति

नदी : द लिविंग करंट ऑफ़ डिवोशन – ओडिसी नृत्य एवं हवेली संगीत, सुश्री विष्णुप्रिया गोस्वामी तथा टीम (24 सितंबर, सायं 6:30 बजे)
दिल्ली की जलकथा – संगीतमय प्रस्तुति, निर्देशन : श्री सुकृत सेन (25 सितंबर, सायं 6 बजे)
जमना ट्रैवल्स प्राइवेट अनलिमिटेड – नाट्य प्रस्तुति, निर्देशन : फूलकुमारी (26 सितंबर, सायं 6:30 बजे)
विशेष व्याख्यान सत्र: 25 – 26 सितंबर 2026
पर्यावरण पुस्तक मेला: 24 – 26 सितंबर 2026

कार्यशाला

वॉटर फुटप्रिंट्स – दैनिक जल उपयोग की गणना और जल संरक्षण का संकल्प (23 – 25 सितंबर, सायं 3 से 7 बजे)
रंग-ए-फुरसत – यमुना प्रवाह का चित्रण, स्थान: यमुना नदी, वासुदेव घाट, नई दिल्ली (24 सितंबर, प्रातः 7 से 11 बजे)

दिल्ली : किशोर कुमार सिंह

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