सम्राट सरकार का फैसला : पटना में मां सीता विश्वविद्यालय और बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर की स्थापना होगी

Bihar State Cabinet approved the establishment of Maa Sita Women's University & Ramdhari Singh Dinkar University.

The Bihar State Cabinet approved the establishment of Maa Sita Women’s University & Ramdhari Singh Dinkar University.

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बुधवार शाम पटना में मंत्रिमंडल सचिवालय में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में बिहार सरकार ने 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य कैबिनेट की बैठक में दो नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी प्रदान की। इनमें पटना में माता सीता महिला विश्वविद्यालय और बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय शामिल हैं। राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती के दिन उनके नाम पर विवि की घोषणा कर सरकार ने उनका सम्मान किया है।

पुलिस आधुनिकीकरण के लिए ड्रोन की खरीद, डेयरी विकास, पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और स्वास्थ्य संस्थानों में ई-सुश्रुत एनएक्स एप्लीकेशन लागू करने समेत कैबिनेट की कई फैसले शामिल हैं।

कैबिनेट में सीएम सम्राट चौधरी ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधीन गठित आयोग, बोर्ड, निगम, परिषद और समितियों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य महानुभावों के वेतन, दैनिक भत्ता और आतिथ्य भत्ता में संशोधन से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय बेगूसराय और पटना में नए विश्वविद्यालय खोले को लेकर हुआ है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा – बेगूसराय और पटना में नए विश्वविद्यालय खुलेंगे 

कैबिनेट ने बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के तहत बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी है। विश्वविद्यालय की स्थापना के क्रम में पदाधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए 15 करोड़ रुपये के व्यय की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसी तरह बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के तहत पटना में मां सीता विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंजूरी दी गई। इसके लिए भी पदाधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन आदि मद में 15 करोड़ रुपये के व्यय की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

माता सीता महिला विश्वविद्यालय

माता सीता महिला विश्वविद्यालय का क्षेत्राधिकार पटना जिले में स्थित सभी अंगीभूत एवं संबद्धता प्राप्त महिला महाविद्यालयों तक होगा। वैसे पटना विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले कॉलेज माता सीता विवि के दायरे में नहीं आएंगे।इस विश्वविद्यालय की स्थापना से पटना जिले के महिला महाविद्यालयों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक अलग विश्वविद्यालयीय व्यवस्था विकसित होगी।

रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय

कैबिनेट के फैसले के मुताबिक रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय का क्षेत्राधिकार बेगूसराय और खगड़िया जिले में स्थित अंगीभूत एवं संबद्धता प्राप्त महाविद्यालयों तक होगा।
इसमें कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त एवं उसके अंगीभूत महाविद्यालय दिनकर विश्वविद्यालय के क्षेत्राधिकार में शामिल नहीं होंगे।
दोनों विश्वविद्यालयों की स्थापना से राज्य में उच्च शिक्षा का विस्तार, बेहतर शैक्षणिक प्रशासन और विद्यार्थियों को सुविधाजनक उच्च शिक्षा उपलब्ध होगी।

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जानिए कौन हैं रामधारी सिंह दिनकर जिनके नाम पर विश्वविद्यालय की हो रही है स्थापना 

‘राष्ट्रकवि’ के रूप में समादृत और लोकप्रिय रामधारी सिंह दिनकर का जन्म 23 सितंबर 1908 को बिहार के बेगूसराय ज़िले के सिमरिया ग्राम में एक कृषक परिवार में हुआ। बचपन संघर्षमय रहा जहाँ स्कूल जाने के लिए पैदल चल गंगा घाट जाना होता था, फिर गंगा के पार उतर पैदल चलना पड़ता था। रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ‘ हिन्दी के एक प्रमुख लेखक, कवि व निबन्धकार थे। वे आधुनिक युग के श्रेष्ठ वीर रस के कवि के रूप में स्थापित हैं। राष्ट्रवाद अथवा राष्ट्रीयता को इनके काव्य की मूल-भूमि मानते हुए इन्हे ‘युग-चारण’ व ‘काल के चारण’ की संज्ञा दी गई है। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की सबसे लोकप्रिय और ओजस्वी कविताओं में ‘रश्मिरथी’ (विशेषकर इसका तृतीय सर्ग ‘कृष्ण की चेतावनी’) और ‘कलम, आज उनकी जय बोल’ को सबसे बेहतरीन माना जाता है.
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रमुख रचनाओं में कुरुक्षेत्र, रश्मिरथी, और उर्वशी जैसी प्रसिद्ध काव्य कृतियाँ शामिल हैं। उर्वशी (1961 ई.) -महाकाव्य के लिए उन्हें भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला था। रामधारी सिंह दिनकर को ‘संस्कृति के चार अध्याय’ पुस्तक के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार से और काव्य-कृति ‘उर्वशी’ के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भारत सरकार ने उन्हें ‘पद्म भूषण’ से अलंकृत किया। उनकी स्मृति में भारत सरकार द्वारा डाक-टिकट भी जारी किया गया।

सीतामढ़ी में बन रहा है मां सीता का भव्य मंदिर निर्माण

आपको बता दें कि बिहार के सीतामढ़ी जिले स्थित पुनौराधाम में अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर मां सीता का भव्य मंदिर निर्माण किया जा रहा है। बिहार सरकार और पर्यटन विभाग के अनुसार इसे 31 दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। मंदिर परिसर में डिजिटल रामायण म्यूजियम, ऑडिटोरियम, सीता वाटिका और परिक्रमा पथ जैसी आधुनिक सुविधाएं बनाई जा रही हैं। पुनौराधाम में बन रहे भव्य माता जानकी मंदिर से सीतामढ़ी के आसपास के अन्य सीता से जुड़े धार्मिक स्थलों को जोड़ा जाएगा।

पटना : संजय कुमार मिश्रा

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