राहुल गांधी वोट चोरी पर बोले – CEC ज्ञानेश कुमार “देशद्रोह” का काम कर रहे हैं, तत्काल इस्तीफे दे

RAHUL GANDHI SAID IN VOTE CHORI

 

Congress leader Rahul Gandhi on Wednesday called for the resignation of Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar, while reiterating his earlier claims of “vote-chori”

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर “देशद्रोह” का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की और कहा कि उन्हें ‘वोट चोरी’ के मामले में गवाह बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में धांधली के मुख्य साजिशकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पूरी जांच होगी और “देशद्रोहियों को सजा मिलेगी।

CEC ज्ञानेश कुमार देशद्रोही, उनको पीएम-गृहमंत्री बचा रहे: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि वह पिछले तीन वर्षों से सबूतों के साथ ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रहे हैं और अब चुनाव आयुक्तों ने खुद इसे स्वीकार कर सच्चाई सामने ला दी है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले 10 महीनों में दोनों चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्तियां दर्ज कीं। इंदिरा भवन स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि आज यह पूरे देश को पता चल गया है कि उनके वोट नष्ट किए जा रहे हैं। यह काम प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार समेत अन्य लोग कर रहे हैं।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने लोकसभा, हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में वोट चोरी का सबूतों के साथ खुलासा किया था, जिनमें 100 प्रतिशत धांधली हुई थी। घटनाक्रम की टाइमलाइन का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उनके लगातार खुलासों पर दोनों चुनाव आयुक्त चुप रहे। इसके बाद उन्हें समझ आया और उन्होंने पत्र लिखने शुरु किए। इन पत्रों के लिए दोनों चुनाव आयुक्तों की सराहना करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने सच्चाई सामने ला दी है। चुनाव आयुक्तों ने एक तरीके से स्वीकार किया है कि वोट चोरी की जा रही है।

ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री के लिए काम कर रहे हैं और उनपर मोदी एवं अमित शाह का पूरा नियंत्रण

मुख्य चुनाव आयुक्त की चुनाव प्रक्रिया में फेरबदल का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते उनके असहमति नोट के बावजूद प्रधानमंत्री द्वारा ज्ञानेश कुमार को चुना गया। उन्होंने याद दिलाया कि मोदी सरकार द्वारा दिसंबर, 2023 में कानून बनाकर मुख्य चुनाव आयुक्त को गलत तरीके से कानूनी कवच भी दिया गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री के लिए काम कर रहे हैं और उनपर मोदी एवं अमित शाह का पूरा नियंत्रण है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि देश के इतिहास में कभी लोकतंत्र पर ऐसा आक्रमण नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों में वे सबूतों के साथ यह दिखाएंगे कि किस तरह 2024 का लोकसभा चुनाव, उसके पहले और बाद के विधानसभा चुनावों में फर्जीवाड़ा किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष किसी भी कीमत पर वोट चोरी नहीं होने देंगे और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलेगी।

राहुल गांधी ने कहा कि वोट देश की नींव है। भारतीय संविधान को ताकत वोट से मिलती है, जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है। उन्होंने संविधान, कानून और संस्थाओं के बीच संबंध को एक कड़ी के तौर पर सरल भाषा में समझाते हुए कहा कि संविधान से कानून बनते हैं और कानूनों से संस्थाएं बनती हैं। उन्होंने कहा कि यदि वोट चोरी हो गया तो संविधान, कानून और संस्थाओं का मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वोट चोरी से जनप्रतिनिधि सदन में पहुंचते हैं, तो स्वाभाविक रूप से उनके द्वारा बनाए गए सभी कानून गैरकानूनी हैं।

भारत के हर राज्य में सत्ता-विरोधी लहर काम करती रहीं, फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के मामले में ऐसा क्यों नहीं ?

पत्रकार वार्ता की शुरुआत में वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा चुनाव में 400 पार के नारे और गृह मंत्री अमित शाह के भाजपा के 50 साल तक शासन करने के दावों की वीडियो दिखाई। उन्होंने अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि 1971 के बांग्लादेश युद्ध में जीत दर्ज करने के बाद वे लोकप्रियता के शिखर पर थीं, लेकिन इसके बावजूद कुछ साल के भीतर उन्हें जबरदस्त सत्ता-विरोधी लहर का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि देश के कई प्रधानमंत्री और क्षेत्रीय दलों के नेता भी सत्ता-विरोधी लहर से अछूते नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता-विरोधी लहर के चलते देश भर में सरकारें बदलती रही हैं।

राहुल गांधी ने आश्चर्य व्यक्त किया कि इतिहास में भारत के हर राज्य में सत्ता-विरोधी लहर काम करती रहीं, तो फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के मामले में ऐसा क्यों नहीं होता। हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात के चुनावी नतीजों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में दशकों से सत्ता बदलती रही है, वहां से अचानक सत्ता-विरोधी भावना गायब हो जाना असामान्य है। उन्होंने कहा कि दुनिया की किसी भी पारदर्शी लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसा संभव नहीं है और ऐसी स्थिति केवल इराक या उत्तर कोरिया जैसी व्यवस्थाओं में ही सुनने को मिलती है। उन्होंने कहा कि इसका जवाब दोनों चुनाव आयुक्तों ने दे दिया है। कांग्रेस नेता ने सत्ता-विरोधी लहर के बावजूद भाजपा के लगातार चुनाव जीतने का कारण वोट चोरी बताया।

दिल्ली : डॉ निशा सिंह

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