दिल्ली : विशेष संवावदाता
National Executive Committee meeting of Rastriya patrakar suraksha aayog(registerd) a national journalist organization will be held at Delhi.
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एकदिवसीय बैठक दिल्ली में संपन्न हुई । इस बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष एवं संस्थापक निशिकांत राय ने किया। बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष श्री एस.एन भट्ट, अतिथि सदस्य किशोर के. सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज शर्मा और सुरेश शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. निशा सिंह, सचिव श्रीमती संघमिता सिंह, कार्यकारिणी सदस्य निशांत भारती, संजय कुमार मिश्रा, संतोष कुमार, संदीप कुमार, डॉ. वारिस अहमद खान, उत्तराखंड के कार्यकारी अध्यक्ष योगेश भट्ट, राजस्थान से एस. एस. चंदेल, राजेश कुमार, सुदर्शन कुमार सहित अन्य सदस्य शामिल हुए।
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की यह पहली बैठक थी। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में सदस्यता अभियान चलाने, कार्यकारिणी को अधिक प्रभावी बनाने, कार्यकारिणी सदस्यों के कार्य विभाजन करने, कोर ग्रुप गठित करने, पत्रकारों की समस्याओं और अधिकारों को सुनियोजित तरीके से सरकार तक पहुंचाने पर विचार किया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया
वर्ष में एक बार देश के अलग-अलग राज्यों में आयोग की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें साल भर का लेखा-जोखा और आगे की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में तय किया गया कि प्रतिवर्ष आयोग अपने स्मारिका का भी प्रकाशन करेगी और पत्रकारिता के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने वाले लोगों को पुरस्कृत भी करेगी।
इतना ही नहीं किसी भी पत्रकार के साथ घटना-दुर्घटना होने पर आयोग के संबंधित राज्य के अध्यक्ष सरकार से घटना की जांच और मुआवजे की मांग भी करेगी। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई की सदस्य पत्रकारों के लिए एक ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिशी और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिशी को कैसे लिया जाए, इसपर विचार किया गया।

इसके अलावा राज्यों के सरकारों से आयोग के कार्यालय के लिए एक स्थान के आवंटन करने की मांग करने पर भी चर्चा की गई। बैठक में मेंबरशिप ड्राइव शुरू करने का फैसला लिया गया। बैठक में संस्था से जुड़े सभी लोगों से आग्रह किया गया कि वे आयोग की नीतियों का प्रचार-प्रसार करें और अधिकतम पत्रकारों को इससे मिलने वाले लाभों के बारे में बताएं। बैठक में सर्वसम्मति से यह राय बनी कि आयोग से जुड़े संरक्षकों और सलाहकारों से समय-समय पर मार्गदर्शन लेते रहेंगे और आयोग को आगे ले जाएंगे।

आयोग के बैनर तले गरीब बच्चों के लिए 15 दिनों का मुफ्त कैरियर काउंसलिंग और ऑनलाइन यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी भी करवाई जाएगी। इसके अलावा पत्रकारों के लिए ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया जाएगा।
जानिए राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग का क्या है उद्देश्य :
(1) पत्रकारों को एकजुट करना, ताकि वे अपने लिए संगठित आवाज उठाएं।
(2) पत्रकारों की समस्याओं विशेषकर स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता संबंधी समस्याओं को निपटाना।
(3) पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुरक्षित करना और उन्हें मीडिया संबंधी खतरों से बचाने में मदद करना।
(4) पत्रकारिता के मानकों को बनाए रखने के साथ इसके स्तर को उन्नत बनाना।
(5) प्रिंट, न्यूज चैनल के साथ ही वेब/डिजिटल मीडिया के पत्रकारों को सरकारी मान्यता दिलवाने की कोशिश करना।
(6) पत्रकारों के लिए बीमा, प्रशिक्षण और कानूनी सहायता जैसे सुविधाएं प्रदान करवाना।
(7) पत्रकारों से सम्बंधित मुद्दों और समस्याओं को सुलझाने के लिए सरकार और सम्बंधित प्राधिकरणों से संपर्क करना।
(8) समय-समय पर पत्रकारों को नई-नई जानकारी देना और विवादों से बचने हेतु जागरूक करना।
(9) संकट के समय पत्रकारों को सामाजिक और आर्थिक सहायता देना।
(10) पत्रकारों के लिए मुफ्त आवास, स्वास्थ्य, आवागमन (रेल, बस, आदि) दिलवाने की कोशिश करना।
(11) समाज को सजग रखकर और सत्ता को जवाबदेह ठहराकर लोकतंत्र की मजबूती में योगदान देना।

