पत्रकारों की सुरक्षा की आवाज संसद में गूंजी, आयोग ने कहा मुद्दा उठाना सराहनीय पहल

MP Darshan Singh raises journalist safety in Parliament, demanding a balanced policy.

दिल्ली : संदीप कुमार

MP Darshan Singh raises journalist safety in Parliament, demanding a balanced policy.BJP MP Darshan Singh Choudhary has urged the government in Lok Sabha to establish a comprehensive “Journalists’ Safety and Welfare Policy” to protect journalists, whom he termed the “fourth pillar” of democracy, from field risks. this demand for specialized protection comes amid continued discussions regarding the safety of journalists working in high-risk scenarios

राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रयासरत है और विभिन्न माध्यमों से लगातार प्रयास कर रहा है कि पत्रकारों के हितों और सुरक्षा के लिए कदम उठाए जाएं। इसी क्रम में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संदीप कुमार के प्रयासों से होशंगाबाद, मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने राज्यसभा में राष्ट्रीय प्रकार सुरक्षा आयोग की मांगों को दोहराया।

सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने 27 मार्च 2026 को संसद में कहा कि आज मैं आपके माध्यम से अति महत्वपूर्ण विषय में ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूं, जिसमें पत्रकारिता केवल एक पेश नहीं है, बल्कि एक मिशन है। यह सूचना का माध्यम नहीं यह लोकतंत्र की आत्मा है, इसलिए पत्रकारिता हुआ शक्ति है जो सत्ता को जवाबदेह बनाती है, समाज को जागरूक करती है और राष्ट्र को सही दिशा में आगे बढ़ाने में सहायक होती है। उन्होंने कहा कि हमारे पत्रकारों को अपेक्षित सुरक्षा मिलनी चाहिए, क्योंकि फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों को अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, इसलिए उनके सुरक्षा और सामाजिक आर्थिक सहायता हेतु उसमें समग्र प्रभावी पत्रकार सुरक्षा एवं कल्याण नीति बनाई जाए और पूर्व की भांति यात्रा में रियायत दिया जाए। पत्रकारों एवं उनके परिवार जनों के लिए जीवन और स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था होनी चाहिए, उनके बच्चों के लिए शिक्षा की सहायता होनी चाहिए और राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर टोल टैक्स मुफ्त किया जाए।

सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि पत्रकारों के हितों को देखते हुए नरसिंहपुर, औरंगाबाद में मैं यह चाहता हूं कि उनके विशेष कार्यालय स्थापित किया जाए और इसके साथ में पत्रकारों को रोकने वाले ब्लैकमेलिंग ग्रुप के लिए राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर एक पारदर्शी तंत्र विकसित करने की दिशा में सरकार प्रावधान लाने का काम करें, क्योंकि आज जब-जब कोई भ्रष्ट होता है तो पत्रकार उनको सही रास्ते पर लाने का काम करता है।

राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग के अध्यक्ष निशिकांत राय ने कहा कि माननीय सांसद द्वारा संसद में पत्रकारों की सुरक्षा और जवाबदेही का मुद्दा उठाना बेहद सराहनीय पहल है। यह विषय न केवल पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा है, बल्कि लोकतंत्र की मजबूती का भी आधार है।

Jetline

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