The Bhojshala is a historic, now-disputed, 11th-century complex in Dhar, Madhya Pradesh, established by Raja Bhoj as a Saraswati temple and centre for Sanskrit learning. On May 15, 2026, the Madhya Pradesh High Court ruled it a temple of Goddess Vagdevi (Saraswati), holding that it was converted to a mosque and ordering the ASI to maintain control.
Dhar Bhojshala Case: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने भोजशाला पर अपना फैसला सुना दिया है। मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मामले में इंदौर हाईकोर्ट ने 15 मई 2026 को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए इसे माता सरस्वती (वाग्देवी) का मंदिर घोषित किया है।
700 साल से जारी विवाद पर कोर्ट ने ASI के 2003 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत वहां नमाज की अनुमति थी। यह फैसला हिंदू पक्ष के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि भोजशाला वाग्देवी का मंदिर ही है। यह फैसला राम जन्मभूमि के बाद हिंदू आस्था के लिए एक और बड़ी कानूनी जीत के रूप में देखा जा रहा है। भोजशाला को मंदिर सिद्ध करने में सबसे अहम रोल यहां परिसर में मौजूद उन 188 खंभों है! जिनमें 106 मूल आधार स्तंभ व 82 आधार स्तंभ हैं। इन स्तंभों पर बनी देवी—देवताओं की प्रतिमाएं और पारंपरिक मंदिर शैली और नक्काशी को एएसआई की रिपोर्ट में शामिल किया गया था
मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला विवाद में ASI की 2024 सर्वे रिपोर्ट ने पूरे मामले की दिशा बदल दी। रिपोर्ट के अनुसार परिसर में कुल 106 मुख्य स्तंभ और 82 अर्धस्तंभ मौजूद हैं। इनमें से कई स्तंभों पर हिंदू धर्म से जुड़े प्रतीक चिन्ह, देवी-देवताओं की आकृतियां और पारंपरिक मंदिर शैली की नक्काशी पाई गई।
भोजशाला मध्य प्रदेश राज्य के धार शहर में स्थित एक ऐतिहासिक इमारत है। इसका नाम मध्य भारत के परमार वंश के प्रसिद्ध राजा भोज के नाम पर रखा गया है, जो शिक्षा और कला के संरक्षक थे और जिनके नाम पर काव्य, योग और वास्तुकला पर संस्कृत की प्रमुख रचनाएँ लिखी गई हैं।
कोर्ट ने उस आदेश को रद्द कर दिया, जो मुस्लिमों को वहां नमाज पढ़ने की अनुमति देता था।
700 साल पुराना संघर्ष: हिन्दू पक्ष का मानना था कि 1305 ईस्वी में अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के बाद इस मंदिर को नुकसान पहुँचाया गया था, जिसे अब वापस मिल गया है।
सर्वे रिपोर्ट: कोर्ट ने ASI द्वारा किए गए गहन सर्वेक्षण के सबूतों (242 पन्नों का फैसला) के आधार पर यह निर्णय लिया।

