Cockroach Janta Party (CJP) Founder Abhijeet Dipke has been detained by the Police at Delhi Airport.
दिल्ली : सीजेपी दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। अभिजीत दीपके मुंबई से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे जहाँ से उन्हें दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। दिल्ली में अभी तक 1000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया । यूट्यूबर ध्रुप राठी, कॉकरोच जनता पार्टी की लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह, सौरभ दास और आशतोष रांका सहित सीजेपी के कई नेता को हिरासत में ले लिया गया है।

आपको बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली को 20 जोन में बांटा गया है और हर जोन के लिए डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं।

विपक्षी पार्टी 12 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपेगा
NDIA गठबंधन के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल अब 12 अक्टूबर 2026) को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपेगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने के बाद यह घोषणा की है ।
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर ‘वोट चोरी’ और फॉर्म-6 में अवैध व एकतरफा बदलाव करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार (9 अक्टूबर) को विपक्षी नेताओं के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति मुर्मू को एक 4 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राष्ट्रपति ने उनसे इन आरोपों के सबूत मांगे हैं, जिसे विपक्ष जल्द ही उन्हें सौंपेगा। विपक्ष के इस ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के अलावा मतदाता सूचियों के ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) को रोकने, आगामी चुनावों में मतपत्र (बैलेट पेपर) पर लौटने और पिछले दो वर्षों में हुए चुनावों की समीक्षा करने की मांग शामिल है। राहुल गांधी के अनुसार, चुनाव आयोग द्वारा विपक्ष की बात न सुने जाने और दिल्ली में प्रदर्शन करने से रोके जाने के बाद, अब वे देश के मुख्य न्यायाधीश के पास जाकर उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराएंगे ताकि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी रास्ते खोले जा सकें।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण: ज्ञानेश कुमार पर लगे हैं गंभीर आरोप
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर मुख्य रूप से दो बड़े मामलों और आरोपों को लेकर विवाद चल रहा है। विपक्ष (विशेषकर ‘इंडिया’ गठबंधन और राहुल गांधी) का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और पिछले कुछ महीनों के 14 अहम फैसले अन्य दो चुनाव आयुक्तों (सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी) की असहमति और आपत्तियों को दरकिनार करते हुए अकेले (एकतरफा) लिए हैं। विपक्ष का यह भी आरोप है कि चुनाव आयोग के कुछ फैसलों से भाजपा को फायदा पहुँचाने का रास्ता साफ किया गया है, जिसके चलते विपक्षी दलों ने उनके इस्तीफे की माँग और विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जहाँ अदालत ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है, हालांकि अभी सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानेश कुमार के कामकाज पर कोई अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
दिल्ली : टीम शार्प वे मीडिया नेटवर्क

