दिल्ली : शार्प वे न्यूज़ नेटवर्क
Delhi police file FIR on pellet gun matter after Rahul Gandhi’s dharna over student’s complaint.
Delhi Police on Friday registered an FIR on a complaint alleging that a student suffered pellet gun injuries during the July 20 Jantar Mantar protest, hours after Rahul Gandhi staged a dharna at Parliament Street Police Station, demanding action.
जंतर मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को पैलेट गन से घायल साहिल लोचब के मामले में दिल्ली पुलिस ने आज 21 अगस्त को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। राहुल गांधी ने एफआईआर की कॉपी ले ली है। बीएनएस की धारा 118 और 125 के तहत ये एफआईआर हुई है। राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके धरने के सात घंटे के बाद यह एफआईआर दर्ज की गई है।

राहुल गांधी बोले, ये न्याय का पहला कदम है, एफआईआर दर्ज हुआ है
Rahul Gandhi, Leader of Opposition (Lok Sabha), addressed the media at Parliament Street Police Station, New Delhi, today.
Leader of Opposition in the Lok Sabha Rahul Gandhi on Friday said the registration of an FIR in connection with a youth injured by pellet gunfire during a student protest in Delhi marked the “first step towards justice”, while questioning why it took police nearly eight hours to register the case.Addressing the media outside Parliament Street Police Station, Rahul Gandhi said the youth had been carrying pellets in his body for a month, including three pellets in his eye that had affected his vision and three-four pellets near his heart.
“Clearly, injustice has been done to a young man,” Gandhi said, adding that the youth and his family had been seeking justice for nearly a month
राहुल गांधी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा- देखिए, इन लोगों ने जैसे अभी कहा- शुरुआत हुई है। ये न्याय का पहला कदम है, केस लॉज हुआ है।
देखिए, एक महीना हो गया। छर्रे शरीर में हैं, तीन छर्रे आँख में हैं। आँख से इनको दिखाई नहीं देता है, 3-4 छर्रे दिल के पास हैं।
साफ़ दिख रहा है कि एक युवा के साथ अन्याय हुआ है और तब भी…आज सुबह ग्यारह-साढ़े ग्यारह बजे हम यहां आए.. एक महीने से ये घूम रहे हैं.साढ़े ग्यारह बजे आए, अभी साढ़े पौने सात हो गए हैं, तब जाकर एफ़आईआर फाइल की है। अब आप इमेजिन कीजिए इस देश में कितनी महिलाओं का बलात्कार होता है, रेप होता है, कितने बच्चों को मारा जाता है, कितने लोगों को गोली मारी जाती है, कितने लोगों के शरीर में छर्रे होते हैं… ये नई दिल्ली, बिल्कुल दिल्ली के बीच में पुलिस स्टेशन है, यहां पर न्याय नहीं मिल रहा है… आप इमेजिन कीजिए, गांव के किसी पुलिस स्टेशन में या छोटे से शहर के किसी पुलिस स्टेशन में क्या होता होगा। हमने यहां पर कोई ग़लत काम नहीं किया है। हमने सिर्फ़ हिंदुस्तान के एक नागरिक के लिए, उनके मां के लिए, उनके पिता के लिए न्याय मांगा है और उसमें 8 घंटे लग गए। और बड़ी इंट्रेस्टिंग बात.. फाइनल परमिशन, फाइनल ओके होम सेक्रेटरी और अमित शाह जी को देना पड़ा, तब इन्होंने जाकर फाइनल एफ़आईआर किया है.. तो आप समझ जाइए, एफ़आईआर रोक कौन रहा था। ये बेचारे जो पुलिस वाले हैं, ये चाहते थे एफ़आईआर करना.. वो वाले भी चाहते थे एफ़आईआर करना पर ऊपर से न्याय की ब्रेक लगी हुई है।
जे पी नड्डा ने कहा राहुल ओछी और अराजक राजनीति करते हैं
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संसद मार्ग थाना परिसर स्थित डीसीपी ऑफिसर के बाहर धरना पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने कहा कि ये ओछी और अराजक राजनीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे पर कांग्रेस के रुख से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश है। जे पी नड्डा ने कहा कि गांधी का धरना न तो छात्रों के लिए था और न ही न्याय के लिए, बल्कि ये कांग्रेस की ‘‘राजनीतिक हताशा’’ को दिखाता है।
कौन है लोचेव साहिल, जिसे लेकर राहुल पहुंचे थे थाना
20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए 19 साल के इस युवा लोचेव साहिल की आंखों की रोशनी चली गई है। साहिल की एम्स की रिपोर्ट में कॉर्निया फटने का मामला सामने आया है। ऐसे में पुलिस की पैलेट गन के छर्रों ने साहिल की आंखों का नुकसान पहुंचाया है। AIIMS की मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, साहिल के चेहरे, गर्दन, छाती और आंखों में 200 से ज्यादा पैलेट्स लगे हैं। लोचव साहिल मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं। उनका परिवार वर्तमान में दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में रहता है। साहिल के पिता ड्राइवर हैं. साहिल अपने तीन भाई बहनों में सबसे बड़े हैं। साहिल डीयू से स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के स्टूडेंट हैं. वह अपनी पढ़ाई के साथ एसएससी सीजीएल और पुलिस भर्ती की तैयारी में जुटे हुए थे। 20 जुलाई को जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन चल रहा था। इस प्रदर्शन में साहिल भी शामिल हुआ था। उसका आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई में पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया।

