नई दिल्ली : विशेष संवाददाता
15th-delhi-international-film-festival:
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की स्वायत्त संस्था इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के सहयोग से आयोजित केन्द्र के परिसर में आयोजित 15वें दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (DIFF 2026) का उद्घाटन भव्य समारोह के साथ संपन्न हुआ। 15वां दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (DIFF) 2026, 4-8 मई 2026 तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) और अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित किया जा रहा है। संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में चीन, रूस और अफ्रीका फोकस देश हैं, जो वैश्विक सिनेमा व भारतीय संस्कृति का संगम प्रस्तुत कर रहे हैं।
यह महोत्सव शुक्रवार तक चलेगा, जिसमें इंडियन शोकेस, वर्ल्ड सिनेमा, अरब सिनेमा, एनआरआई सिनेमा और क्रॉस-बॉर्डर सिनेमा सहित विभिन्न श्रेणियों में 50 से अधिक देशों की फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी।
इस महोत्सव का उद्घाटन “हर स्टोरी” नामक फिल्म के प्रदर्शन से हुआ। यह एक चीनी ड्रामा फिल्म है जो शंघाई में अपने बच्चे का पालन-पोषण करने वाली एक अकेली माँ की कहानी है, जो व्यक्तिगत और पेशेवर चुनौतियों का सामना करती है। इसका निर्देशन शाओ यिहुई ने किया है।
यह महोत्सव वैश्विक सिनेमा, कला और साहित्य की विविध अभिव्यक्तियों को एक साझा मंच पर लाने की एक महत्त्वपूर्ण पहल है, जो विश्वभर की सांस्कृतिक धाराओं के संगम को प्रतिबिंबित करता है। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात फिल्म निर्माता और दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित अडूर गोपालकृष्णन थे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में आईजीएनसीए के अध्यक्ष ‘पद्म भूषण’ राम बहादुर राय प्रसिद्ध गायिका उषा उत्थुप, विख्यात बांग्लादेशी गायिका रूना लैला तथा वरिष्ठ चित्रकार जतिन दास शामिल रहे। महोत्सव का शुभारंभ फिल्म ‘हर स्टोरी’ (Her Story) के प्रदर्शन के साथ हुआ। पांच दिन के इस महोत्सव के दौरान आईजीएनसीए द्वारा निर्मित विशिष्ट फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा, साथ ही विभिन्न विषयों पर पैनल चर्चाओं का आयोजन किया जाएगा।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित अडूर गोपालकृष्णन ने कहा फिल्म महोत्सव नहीं, बल्कि प्रेम और मित्रता का उत्सव
अपने संबोधन में अडूर गोपालकृष्णन ने कहा कि यह संध्या मित्रता, पारस्परिक सम्मान और स्नेह का अद्भुत अवसर है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह आयोजन केवल एक फिल्म महोत्सव नहीं, बल्कि प्रेम और मित्रता का उत्सव भी है। उन्होंने यह भी कहा कि सिनेमा को शांति और करुणा को बढ़ावा देना चाहिए। इस अवसर पर, ‘मीनार-ए-दिल्ली’ पुरस्कार प्राप्त करते हुए रूना लैला ने कहा कि संगीत सभी सीमाओं को पार कर मानव आत्मा का विभिन्न रूपों में उपचार प्रदान करता है और यह जाति, पंथ या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करता। उषा उत्थुप ने कहा कि दर्शकों के प्रेम और समर्थन के बिना उनकी 57 वर्षों की संगीत यात्रा निरर्थक होती।
दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 न केवल सिनेमा प्रेमियों के लिए एक विशेष अवसर प्रदान करेगा, बल्कि विभिन्न देशों की सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को समझने और सराहने का एक महत्त्वपूर्ण मंच भी सिद्ध होगा। आयोजकों ने दर्शकों का स्वागत करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन की भावना और उत्साह को और अधिक बढ़ाया है।

