दिल्ली : रिसर्च टीम
Water Crisis in India: दिल्ली समेत कुछ राज्यों के लिए मौसम विभाग ने जारी किया है। भारतीय मौसम विभाग ने दिल्ली समेत कई राज्यों के लिए तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिलेगा, जिसमें तेज हवाएं, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। खासतौर पर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में तेज झोंकों के साथ बारिश हो सकती है। मौसम के अलावे ये भी खबरआपके लिए चिंता का बिषय है कि देश में जल संकट बढ़ रहा है।आपको बतातें है कैसे ?
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक देश में जल भंडारण की स्थिति तेजी से दबाव में आ रही है और गर्मियों की शुरुआत के साथ संकट के संकेत हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार देश के 166 प्रमुख जलाशयों में उपलब्ध पानी घटकर कुल क्षमता के 40 प्रतिशत से नीचे आ गया है। वहीं कई प्रमुख नदी घाटियों में भी जल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है।
2030 तक देश की 40% आबादी को पीने के पानी की कमी हो सकती है
वर्तमान में भारत एक गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है, जहाँ लगभग 60 करोड़ लोग उच्च जल तनाव से प्रभावित हैं। 2030 तक देश की 40% आबादी को पीने के पानी की कमी हो सकती है। अत्यधिक भूजल दोहन, प्रदूषण, जनसंख्या वृद्धि, और कृषि में जल-गहन फसलों (जैसे गन्ना/चावल) का उपयोग इस संकट के मुख्य कारण हैं। भारत दुनिया में भूजल का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है, जिसके कारण जल स्तर तेजी से गिर रहा है। जल गुणवत्ता सूचकांक में भारत 122 देशों में 120वें स्थान पर है, और 70% जल स्रोत प्रदूषित हैं। शहरी जल संकट को देखें तो नीति आयोग के अनुसार, 21 प्रमुख भारतीय शहर भूजल समाप्त होने के कगार पर हैं। देश में कुल पानी का लगभग 75% से अधिक हिस्सा कृषि में उपयोग होता है, जो अक्सर अक्षम पद्धतियों के कारण बर्बाद होता है।
कई प्रमुख नदी बेसिनों में जल स्तर घटा- केंद्रीय जल आयोग
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार अप्रैल की शुरुआत की तुलना में कई प्रमुख नदी बेसिनों में जल स्तर घटा है। गंगा बेसिन 53.8% से गिरकर लगभग 50.01% पर आ गया है। गोदावरी 47.58 से घटकर 40.69% और नर्मदा 46.09 से गिरकर 38.82 प्रतिशत पर पहुंच गई है। केंद्रीय जल आयोग के साप्ताहिक बुलेटिन में बताया गया है कि देश के 166 जलाशयों में कुल लाइव स्टोरेज 71.082 अरब घन मीटर (बीसीएम) रह गया है, जो उनकी कुल क्षमता 183.565 बीसीएम का केवल 38.72 प्रतिशत है। 9 अप्रैल 2026 को यह स्तर 44.71 प्रतिशत था, यानी तीन सप्ताह में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। ये 166 जलाशय देश की कुल अनुमानित जल भंडारण क्षमता 257.812 बीसीएम का लगभग 71.20 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं। इनमें से 20 जलाशय जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े हैं, जिनकी संयुक्त क्षमता 35.299 बीसीएम है।
22 जलाशयों में सामान्य से 80 प्रतिशत कम पानी
मध्य प्रदेश के जलाशयों में पिछले वर्ष की तुलना में कमी दर्ज की गई है। वहीं गोवा में केवल एक प्रमुख जलाशय होने के बावजूद वहां भी 12 प्रतिशत से अधिक गिरावट दर्ज की गई है, जो स्थानीय जल उपलब्धता के लिहाज से महत्वपूर्ण संकेत है। कई प्रमुख जलाशयों में गंभीर स्थितिदेश के कई प्रमुख जलाशयों में जल स्तर अत्यंत निम्न स्तर पर पहुंच गया है। असम का खांडोंग जलाशय लगभग 21.16 प्रतिशत पर है, जबकि झारखंड का चंदन डैम पूरी तरह खाली हो गया है। कर्नाटक का तट्टिहल्ला 24.63, केरल का पेरियार 29.21, तमिलनाडु के वैगई 15.17, करायर 49.89 और अलियार 48.89 प्रतिशत नीचे हैं। कुल 166 जलाशयों में से 22 ऐसे हैं, जहां जल स्तर सामान्य के 80 प्रतिशत कम है।

