15वें दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का भव्य समापन “ए न्यू पोस्टबॉक्स : टेल्स फ्रॉम पार्टीशन” को मिला सम्मान

15th Delhi International Film Festival

नई दिल्ली:

15th Delhi International Film Festival:

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के सहयोग से आयोजित 15वें दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (DIFF 2026) का समापन 8 मई को भव्यता के साथ गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समापन समारोह में प्रसिद्ध अभिनेत्री ऋतुपर्णा सेनगुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। साथ ही, कई देशों के राजनयिक भी शामिल हुए।

15वां दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (DIFF) 2026, 4 से 8 मई 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के सहयोग से हुआ, जिसमें 50 से अधिक देशों की 170+ फिल्मों का प्रदर्शन किया गया और मुख्य रूप से चीन, रूस और अफ्रीका पर ध्यान केंद्रित किया गया.

समापन अवसर पर प्रतियोगिता खंड में चयनित उत्कृष्ट फिल्मों को पुरस्कार प्रदान किए गए। उन्हें ऋतुपर्णा सेनगुप्ता ने पुरस्कार प्रदान किए। भारत विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित और डॉ. सच्चिदानंद जोशी द्वारा निर्देशित फिल्म “ए न्यू पोस्टबॉक्स : टेल्स फ्रॉम पार्टीशन” को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। फिल्म ने विभाजन की मानवीय त्रासदी और स्मृतियों को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत कर दर्शकों और समीक्षकों का ध्यान आकर्षित किया।

इस वर्ष आयोजित फिल्म महोत्सव में विश्व सिनेमा की व्यापक भागीदारी देखने को मिली। महोत्सव के दौरान दुनिया के 51 देशों तथा भारत के 21 राज्यों की कुल 177 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। विविध भाषाओं, संस्कृतियों और सामाजिक सरोकारों को अभिव्यक्त करती इन फिल्मों ने दर्शकों को वैश्विक सिनेमा की समृद्ध परंपरा से परिचित कराया।

महोत्सव में रूस, चीन और अफ्रीकी देशों को ‘फोकस कंट्री’ के रूप में विशेष स्थान दिया गया। इन देशों की फिल्मों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सिनेमाई विमर्शों ने अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद को नई दिशा प्रदान की।
@ignca_delhi:
फिल्म महोत्सव के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण परिचर्चाएँ, संवाद सत्र और विशेष पैनल चर्चाएँ भी आयोजित की गईं। इसी क्रम में आईजीएनसीए द्वारा आयोजित विशेष पैनल चर्चा “मेकिंग फिल्म्स इज ईजी, सेलिंग देएम इज वॉर” (Making Films is Easy, Selling Them is War) ने फिल्मकारों, शोधकर्ताओं और सिनेमा से जुड़े विद्यार्थियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। फिल्मों के निर्माण से लेकर वितरण और दर्शकों तक पहुँचाने की चुनौतियों पर केंद्रित इस चर्चा में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) नई दिल्ली के निदेशक चितरंजन त्रिपाठी, आईआईसीएस, नई दिल्ली के डीन अकादमिक सलीम आरिफ़, प्रसिद्ध रंगकर्मी तथा अस्मिता थिएटर ग्रुप के अरविंद गौर तथा मोशन पिक्चर्स एसोसिएशन के महासचिव जोगिंदर महाजन ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार रीमा गौतम ने किया।
समापन समारोह में वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव केवल फिल्मों का आयोजन नहीं, बल्कि विविध संस्कृतियों, संवेदनाओं और रचनात्मक अभिव्यक्तियों के वैश्विक उत्सव का मंच बन चुका है। महोत्सव ने भारतीय और विश्व सिनेमा के बीच संवाद, सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Jetline

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