पटना छात्र आंदोलन: बिहार की राजधानी पटना में 14 से अधिक छात्र संगठनों ने परीक्षा सुधार, डोमिसाइल नीति और BPSC TRE-4 तथा 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने को लेकर सीएम हाउस का घेराव किया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़प हुई। पुलिस ने वॉटर कैनन, लाठी चार्ज सहित अन्य साधनों द्वारा प्रदर्शन को रोकने का प्रयास किया। कई छात्रों को हिरासत में भी लिया गया है।
पटना में छात्र आंदोलन की गूंज: परीक्षा सुधार और डोमिसाइल नीति को लेकर बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर छात्र आंदोलन की आग में सुलग उठी है। रोज़गार, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर एक बार फिर से पटना की सड़कों पर छात्रों का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन (ABSU) सहित करीब 14 छात्र और युवा संगठनों के आह्वान पर हज़ारों अभ्यर्थी मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास (CM House) के घेराव के लिए निकल पड़े। पिछले कई दिनों से गर्दनीबाग धरना स्थल पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया, जिसके बाद इस आंदोलन ने व्यापक रूप ले लिया है। इस आंदोलन में राजद नेता तेजस्वी यादव का साथ मिलने के बाद आंदोलन और व्यापक हो गया है।
पटना के गांधी मैदान से सुबह 11 बजे पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान (गेट नंबर 10) से ‘याचना मार्च’ की शुरुआत हुई। हाथों में तिरंगा और तख्तियां लिए छात्र ‘बिहार सरकार होश में आओ’ और ‘परीक्षाओं में धांधली बंद करो’ के नारे लगाते हुए आगे बढ़ने लगे। जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे की तरफ जैसे ही मार्च बढ़ा, वहां पहले से मौजूद भारी पुलिस बल और सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की देखने को मिली। इस दौरान छात्रों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़ने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन और लाठी चार्ज सहित अन्य उपायों का प्रयोग करना पड़ा।
क्या हैं आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगें?
पटना के इस बड़े छात्र आंदोलन के पीछे युवाओं की 15 सूत्री मांगें हैं:
BPSC TRE-4 परीक्षा में बदलाव: छात्र TRE-4 परीक्षा में पीटी-मेन्स (PT-Mains) की नई व्यवस्था और नेगेटिव मार्किंग को हटाने की मांग कर रहे हैं।
70वीं BPSC परीक्षा पर सवाल: 70वीं बीपीएससी परीक्षा में कथित पेपर लीक और प्रशासनिक गड़बड़ियों के आरोपों के बीच छात्र इस परीक्षा को पारदर्शी बनाने या रद्द करने की मांग पर अड़े हैं।
100% डोमिसाइल नीति: बिहार की सरकारी नौकरियों में बिहार के स्थानीय मूल निवासियों के लिए शत-प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने की उठाई जा रही है।
परीक्षाओं में पारदर्शिता: विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही देरी, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्र पूरी व्यवस्था में सुधार चाहते हैं।
पटना छात्र आंदोलन पर सियासत हुई गर्म
पटना छात्र आंदोलन को विपक्ष का साथ मिला है। छात्रों के इस उग्र आंदोलन को राजनीतिक हवा भी मिलनी शुरू हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) समेत कई विपक्षी दलों ने छात्रों के इस मार्च को अपना खुला समर्थन दिया है। राजद का कहना है कि सरकार युवाओं को रोज़गार देने और परीक्षाओं को सही ढंग से आयोजित कराने में पूरी तरह विफल रही है। वहीं, सरकार के मंत्रियों का कहना है कि कुछ राजनीतिक दल छात्रों की आड़ में अपनी रोटियां सेंक रहे हैं, जबकि छात्र अपने हितों को अच्छी तरह समझते हैं।
डैमेज कंट्रोल में जुटी सरकार: हालांकि छात्रों के बढ़ते आक्रोश और सीएम हाउस घेराव की चेतावनी को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश शुरू कर दी थी ।मुख्यमंत्री का ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ का दांव आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक बड़ा एलान करते हुए ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ (Student Support Camp) की शुरुआत करने की घोषणा की थी, लेकिन छात्र केवल आश्वासनों से पीछे हटे यह आंदोलन उग्र रूप में उभरकर सामने आया।
BPSC TRE 4 परीक्षा को लेकर छात्रों का यह गुस्सा इस बात का प्रमाण है कि युवा रोजगार और समय पर भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर बहुत गंभीर हैं। हालांकि आयोग ने आवेदन की तारीखें घोषित कर दी हैं, लेकिन परीक्षा पैटर्न और अन्य मांगों को लेकर छात्रों और प्रशासन के बीच विरोध बना हुआ है। देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में सरकार इन छात्र संगठनों की मांगों पर क्या अंतिम निर्णय लेती है।
पटना: विशेष संवाददाता।


