बिहार : डीजीपी विनय कुमार दिसम्बर में होंगे रिटायर्ड, रेस में जेएस गंगवार , कुंदन कृष्णन, प्रीता वर्मा

the process to select New DGP in Bihar begunes.

Bihar Director General of Police (DGP) Vinay Kumar coming to an end on December 13, 2026, the process to select his successor has begun. Reportedly five names have been shortlisted that include Preeta Verma (IPS: 1991), Bhrigu Srinivasan (IPS: 1992), Jitendra Singh Gangwar (IPS: 1993), Jitendra Kumar (IPS: 1993) and Kundan Krishnan (IPS: 1994). The name of Nirmal Kumar Azad (IPS: 1994) is not in the list of shortlisted candidates.

पटना : बिहार के वर्तमान डीजीपी विनय कुमार का कार्यकाल इसी साल दिसम्बर महीने में खत्म होने वाला है। डीजीपी विनय कुमार को दिसंबर 2024 में नियुक्त किया गया था। अब बिहार में अगले पुलिस प्रमुख यानि डीजीपी की तलाश शुरू हो गयी है। विनय कुमार के कार्यकाल खत्म होने से पहले सम्राट सरकार ने नए डीजीपी की तलाश शुरू कर दी है और अधिकारियों के नामों को शॉर्टलिस्ट किया जा रहा है। सम्राट सरकार नाम को शॉर्टलिस्ट करके केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दिया है।अब वहां से यूपीएससी के पास सहमति के लिए भेजी जायेगी। नए डीजीपी के लिए वरिष्ठता, अनुभव और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं। सूत्रों के अनुसार आईपीएस प्रीता वर्मा, जेएस गंगवार और कुंदन कृष्णन का नाम प्रमुखता से सामने आया है। हालांकि अंतिम चयन की प्रक्रिया में यूपीएससी की भूमिका अहम होगी और उसके बाद राज्य सरकार अंतिम फैसला करेगी।

बिहार के वर्तमान डीजीपी विनय कुमार और उनका दो साल का कार्यकाल 13 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। पुलिस मुख्यालय से लेकर गृह विभाग तक संभावित नामों और वरिष्ठता को लेकर मंथन शुरू हो चुका है। खास बात यह है कि इस बार डीजीपी की कुर्सी की रेस में एक महिला अधिकारी का नाम भी सामने आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक गृह विभाग ने डीजी रैंक के आईपीएस अधिकारियों का पैनल तैयार कर लिया है। प्रीता वर्मा 1991 बैच की बिहार कैडर की सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं और वरिष्ठता में सबसे ऊपर मानी जा रही हैं। वे वर्तमान में फायर एवं होमगार्ड सर्विस से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अगर उनके नाम पर मुहर लगती है तो वह बिहार की पहली महिला डीजीपी बन सकती हैं।

जानिए नए डीजीपी के रेस में कौन आईपीएस हैं शामिल ?

इस रेस में आईपीएस भृगु श्रीनिवासन का नाम भी शामिल है। श्रीनिवासन 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और वह फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर एनएसजी के डीजी हैं। इससे पहले बिहार पुलिस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। एनएसजी के महानिदेशक के तौर पर उनकी मौजूदा भूमिका और लंबा पुलिस अनुभव उनकी दावेदारी को मजबूत बना रहा है। श्रीनिवासन बिहार में कई जिले में एसपी रह चुके हैं। इस दौर में जितेंद्र सिंह गंगवार 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। बिहार में एडीजी मुख्यालय, ईओयू और विशेष शाखा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का अनुभव उनके पास रहा है। वर्तमान में वह निगरानी से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जितेंद्र सिंह गंगवार की गिनती अच्छे अधिकारियों में होती है और गंगवार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए जाने जाते हैं। सीआईडी और पुलिस मुख्यालय में लंबे अनुभव के अलावा वह केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के डीजी पद से जुड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और बी-सैप की जिम्मेदारी भी उनके पास रही है। वरिष्ठता और व्यापक प्रशासनिक अनुभव के आधार पर उनका नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल है। जितेंद्र कुमार भी ईमानदार छवि के पदाधिकारी माने जाते हैं।

कुंदन कृष्णन 1994 बैच के तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी माने जाते हैं। पटना एसएसपी से लेकर आईजी और एडीजी मुख्यालय तक उन्होंने महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। वर्तमान में विशेष शाखा और एसटीएफ से जुड़ी जिम्मेदारियां उनके पास हैं। कानून-व्यवस्था और खुफिया तंत्र में उनके अनुभव की वजह से उनकी दावेदारी को भी मजबूत माना जा रहा है. कुंदन कृष्णन बार-बार केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भी जाते रहे हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो में निदेशक रहे हैं। सरकार के जातीय समीकरण में फिट बैठते हैं और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिला से आते हैं। आईपीएस कुंदन कृष्णन के बैच में डॉ. परेश सक्सेना और निर्मल कुमार आजाद भी डीजी रैंक में शामिल हैं। केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अमित कुमार और अनुपमा एस निलेकर चंद्रा को बिहार में एडीजी का दर्जा है। डीजी सिविल डिफेंस डॉ परेश सक्सेना इसी साल 31 दिसंबर को रिटायर हो रहे हैं। निर्मल कुमार आजाद का कार्यकाल दिसंबर 2027 तक है। 30 साल की सेवा पूरी कर चुके 1995 और 1996 बैच के एडीजी स्तर के अधिकारियों का नाम भी सूची में भेजा गया है। इनमें बिहार में तैनात एडीजी (मुख्यालय) सुनील कुमार, बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर के एडीजी सह निदेशक आर. मलार विझी, डॉ कमल किशोर सिंह, पारस नाथ, पंकज कुमार दराद, अमित कुमार जैन, सुधांशु कुमार, नैय्यर हसनैन खान जबकि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात सुशील एम खोपड़े, एस रवीन्द्रन शंकरन, जगमोहन व अनिल किशोर यादव का नाम शामिल है।

गृह विभाग ने 30 साल की सेवा पूरी कर चुके आईपीएस अधिकारियों की एक लिस्ट बनाई

दरअसल, बिहार के गृह विभाग ने 30 साल की सेवा पूरी कर चुके आईपीएस अधिकारियों की एक लिस्ट बनाई है और उसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी है। इस लिस्ट में डीजी रैंक के 9 अधिकारी और 1995-96 बैच के 14 एडीजी स्तर के अधिकारियों के नाम शामिल बताये जा रहे हैं। गृह विभाग अधिकारियों के नामों पर यूपीएससी से विचार-विमर्श करेगा। इसके बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा और यही पैनल बिहार सरकार को वापिस भेजा जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री इन तीन नामों में से किसी एक अधिकारी के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे।

पटना : उमेश नारायण मिश्रा

Jetline

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