अनंत सिंह के बाद पत्नी नीलम देवी पर भी एक्शन हो गया है। अनंत सिंह जेडीयू से 6 साल के निष्कासन के बाद अब उनकी पत्नी नीलम देवी को भी बिहार सरकार के एक समिति से हटा दिया गया है और उप मंत्री का दर्जा वापस ले लिया गया है।
जेडीयू के पूर्व नेता और मोकामा से विधायक अनंत सिंह को विधान परिषद चुनाव में पार्टी उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार करना काफी महँगा पड़ गया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने न केवल अनंत सिंह को बल्कि उनकी पत्नी नीलम देवी को भी छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसके साथ ही उनकी पत्नी नीलम देवी को भी बिहार सरकार के एक समिति से हटा दिया गया है और उप मंत्री का दर्जा वापस ले लिया गया है। अब 25 नवंबर 2026 तक सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिया।
नीलम देवी को छोड़ना होगा सरकारी बंगला
मोकामा के विधायक अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी पर सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सदस्य से हटा दिया है और उन्हें मिला उप मंत्री का दर्जा भी तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया गया है। इसके साथ ही भवन निर्माण विभाग ने उन्हें 5 नवंबर तक पटना के 1 मॉल रोड स्थित सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस दिया है। बता दें कि वर्तमान में इसी बंगले में अनंत सिंह और उनका परिवार रह रहा है ।
अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता भी जा सकती है
जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अनंत सिंह और नीलम देवी को पहले ही छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने दोनों की प्राथमिक सदस्यता खत्म करने की घोषणा के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश भी की है। इससे अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता भी जा सकती है।
अनंत सिंह पर क्यों हुई कार्रवाई ?
पार्टी के मुताबिक, हाल में हुआ बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह और नीलम देवी ने अपनी पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया था। इसके अलावा अनंत सिंह पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक और अमर्यादित भाषा इस्तेमाल करने का आरोप भी लगा । पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया इसे दल-विरोधी गतिविधि बताया और अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गयी।
फ्लोर टेस्ट में क्रॉस वोटिंग के बाद नीलम देवी को मिला था पद
साल 2024 में बिहार विधानसभा के फ्लोर टेस्ट के दौरान नीलम देवी ने आरजेडी का साथ छोड़कर एनडीए सरकार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी। इससे नीतीश कुमार की सरकार को बहुमत साबित करने में सहयोग मिला था। इसके जेडीयू ने नीलम देवी को समिति में जगह और उप मंत्री का दर्जा दिया था, लेकिन इस बार जनसुराज के उम्मीदवार के पक्ष में समर्थन करने के कारण इन्हें जेडीयू से निष्कासित कर दिया गया एवं उनका पद और सरकारी आवास भी वापस लिया जा रहा है।






