Delhi Satya Niketan building collapse:The building of a boys’ PG hostel in South-West Delhi collapsed on Sunday afternoon. 20-30 feared trapped as boys’ PG collapses in Delhi’s Satya Niketan, dozen students are at the AIIMS trauma centre in a critical state. Rescuers comb rubble after 6 deaths. Rescue efforts are underway at the site with teams from DDMA, NDRF, Delhi Fire Services, Delhi Police, MCD, CTS and Civil Defence
सत्य निकेतन PG हादसे में बढ़ा मौत का आंकड़ा, अब तक 6 शव बरामद,11 लोगों का रेस्क्यू. रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चला जो अभी भी जारी है.मुख्यमंत्री रेखा गप्ता ने इस हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए.
#सत्य निकेतन: दिल्ली के मोती बाग के सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत रविवार को गिर गई। दिल्ली में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में इमारत जमींदोज हो गई है। ताजा जानकारी के मुताबिक अब तक 15 से 20 छात्र एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराए गए हैं। इनमें कई की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं 6 छात्र की मौत हो चुकी है। इस बिल्डिंग को तीन मंज़िल की है इजाज़त थी, लेकिन घूस और भ्रष्टाचार के सहारे पाँच मंजिला इमारत तक बना दी गई थी। इसे छात्रों के पी जी के रूप में उपयोग हो रहा था।
इस हादसे में 30 -40 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है, जिसके बाद बचाव कार्य जारी है। सीएम रेखा गुप्ता घटना स्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। मकान मालिक आनंद बसंल के खिलाफ एआईआर दर्ज हुआ। तीन छात्रों को दिल्ली ट्राम सेंटर में भर्ती किया गया है। 9 लोगों को बहार निकला जा चुका है। इसमें कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। इस इमारत में ज्यादातर DU में पढ़ रहे के छात्र रहते थे। पिछले चार साल में इस इलाके में यह दूसरी घटना है। इससे पहले 25 अप्रैल 2022 को एक पुरानी तीन मंजिला इमारत में अवैध मरम्मत कार्य के दौरान हादसा हुआ। इसमें दो मजदूरों की मौत हो गई थी।
जानकारी के मुताबिक सत्यनिकेतन में करीब 80 गज के प्लाट पर भूतल के साथ चार मंजिला मकान था। इसमें हर फ्लोर पर पांच कमरे थे। इस तरह से यहां करीब 25 कमरे थे। इसका प्रयोग पीजी के तौर पर हो रहा था। घटना के बाद बचाव के लिए पुलिस, एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस वालंटियर्स मौके पर रेस्क्यू कर रही है। इसमें मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया के जरिए जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
इधर दिल्ली पुलिस ने कहा कि साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में कथित मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ़ BNS की धाराओं 105/290/125(a) के तहत FIR नंबर 153/26 दर्ज की गई है. यह बिल्डिंग एक PG थी.
राजधानी दिल्ली में इमारत गिरने की प्रमुख घटनाएं
15 नवंबर 2010 : लक्ष्मी नगर के ललिता पार्क में सबसे खौफनाक हादसा, जहां एक अवैध पांच मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। 67 लोगों की मौत हुई और 70 से अधिक घायल हुए। बेसमेंट में पानी भरने और घटिया सामग्री को वजह बताया गया।
25 अप्रैल 2022 : सत्य निकेतन में एक पुरानी तीन मंजिला इमारत में अवैध मरम्मत कार्य के दौरान हादसा हुआ, जिसमें दो मजदूरों की मौत हो गई। नगर निगम के नोटिस के बावजूद काम नहीं रोका गया था।
18 अप्रैल 2025 : मुस्तफाबाद में लगभग 20 साल पुरानी चार मंजिला इमारत देर रात ढह गई, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई। पतली गलियों और ओवर-कंस्ट्रक्शन के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन 12 घंटे से ज्यादा चला।
जुलाई 2025 : वेलकम इलाके में चार मंजिला जर्जर इमारत अचानक गिर गई, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई।
30 मई 2026 (साकेत / सैदुलाजाब): साकेत मेट्रो स्टेशन के पास 5 मंजिला अवैध इमारत ढह गई, जो पास की कैंटीन और लाइब्रेरी पर जा गिरी। इस हादसे में 6 मेडिकल छात्रों की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हुए।
(दिल्ली : शार्प वे)






