बिहार विधानसभा परिसर में हाईटेक डिजिटल म्यूजियम का निर्माण : अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की

Bihar Vidhan Sabha Digital Museum: speaker prem kumar meeting

पटना : किशोर कुमार सिंह / नंदकिशोर सिंह

Bihar Vidhan Sabha Digital Museum: Dr. Prem Kumar held a high-level review meeting in Patna regarding the construction and progress of the state’s first modern Digital Museum-cum-Conference Hall at Bihar Vidhan Sabha.

पटना: अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बिहार विधान सभा प्रांगण में निर्माणाधीन संग्रहालय (म्यूजियम) के निर्माण कार्यों की प्रगति की अद्यतन स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में NIT के साथ-साथ आई.आई.टी. (IIT) के विशेषज्ञों की सेवा लेने पर विचार किया गया। इस बैठक में विधान सभा परिसर के विकास, सौंदर्यीकरण, अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार और निर्माणाधीन परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की गहन समीक्षा की गई।

बैठक के प्रारंभ में बिहार विधान सभा प्रांगण में निर्माणाधीन संग्रहालय (म्यूजियम) के निर्माण कार्यों की प्रगति की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान केंद्र सरकार की अनुमति से संबंधित प्रतिवेदन पर विस्तार से चर्चा हुई। माननीय अध्यक्ष ने वास्तु विशेषज्ञता एवं तकनीकी परामर्श के दायरे को और अधिक व्यापक बनाने के उद्देश्य से एन.आई.टी. (NIT) के साथ-साथ आई.आई.टी. (IIT) के विशेषज्ञों को भी सम्मिलित करने का सुझाव दिया, ताकि निर्माण कार्य में उच्च स्तर की उत्कृष्टता और सुचिता सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत प्राथमिकता के आधार पर विधान सभा के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक अत्याधुनिक स्वागत कक्ष (रिसेप्शन) के निर्माण हेतु त्वरित गति से कार्य करने के निर्देश दिए गए। विधान सभा में प्रस्तावित मुद्रणालय के निर्माण के संदर्भ में 3,000 वर्ग फीट क्षेत्र में लगभग 30 फीट ऊंचे भवन के निर्माण हेतु आवश्यक नक्शा तैयार करने और इसके अनुमोदन से संबंधित प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।

परिसर के सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर के निर्देश

परिसर के सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए माननीय अध्यक्ष ने कार पार्किंग स्थल के चारों तरफ साफ-सफाई एवं गार्डेनिंग को सुदृढ़ करने को कहा। मुख्य रूप से मौसमी पुष्पों की सुसज्जित वाटिका विकसित करने के तहत परिसर में विभिन्न प्रकार के सुगंधित फूलों वाले पौधों का रोपण और उनके नियमित रख-रखाव के लिए उचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, विधान सभा परिसर में स्थित विभिन्न पार्कों में नियमित रूप से ग्रास-कटिंग (घास की कटाई) एवं समुचित साफ-सफाई करने के निर्देश भी प्रदान किए गए। पार्कों की सुरक्षा और सुंदरता को बढ़ाते हुए सभी पार्कों के आयरन फेंसिंग के अंदर की तरफ उच्च गुणवत्ता वाले हेज (झाड़ियों की बाड़) के निर्माण पर भी चर्चा हुई। साथ ही, विधान सभा के उपभवन नाले और उसके जल निकासी (ड्रेनेज सिस्टम) की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया गया।

पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (पी.पी.टी.) के अनुपालन की भी हुई समीक्षा

बैठक के अंत में, पूर्व की बैठक में माननीय अध्यक्ष महोदय के समक्ष प्रदर्शित उस पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (पी.पी.टी.) के अनुपालन की भी समीक्षा की गई, जिसमें बिहार विधान सभा परिसर में विभिन्न प्रकार के शो-प्लांट्स को सुसज्जित करने का प्रस्ताव था। इस बैठक में भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता श्री ब्रजेश कुमार सहित बिहार विधान सभा सचिवालय , उद्यान प्रमंडल एवं भवन निर्माण विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बिहार विधानसभा परिसर में पहली बार एक अत्याधुनिक डिजिटल म्यूजियम

बिहार विधानसभा परिसर में पहली बार एक अत्याधुनिक डिजिटल म्यूजियम बनाया जाएगा, जो राज्य की राजनीतिक और विधायी विरासत को संजोएगा। इस अत्याधुनिक डिजिटल म्यूजियम का निर्माण जल्द शुरू होने वाला है। लगभग 48.76 करोड़ रुपये की लागत से 1.74 एकड़ भूमि पर एक अत्याधुनिक डिजिटल संग्रहालय (म्यूजियम) का निर्माण किया जायेगा । यह भवन भू-तल और एक अन्य मंजिल (दो मंजिला) का होगा। इसमें पाँच आकर्षक दीर्घाएँ (गैलरियां) बनाई जाएंगी, जहाँ पिछले 100 वर्षों के विधानमंडल के इतिहास और महत्वपूर्ण निर्णयों को डिजिटल रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। भू-तल पर 356 दर्शकों की क्षमता वाला एक आधुनिक ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस हॉल और मीडिया गैलरी भी होगी। इसके साथ ही 50 लोगों की मीडिया गैलरी और एक कंफ्रेंस हॉल भी इस भवन का हिस्सा होंगे.

इस संग्रहालय में बिहार विधानसभा की शुरुआत से लेकर अब तक के मुख्यमंत्रियों, विधानसभा अध्यक्षों और विधायकों की जानकारियां डिजिटल फॉर्मेट में संजोई जाएंगी. इसके अलावा पिछले सौ वर्षों के विधायी कार्यों, ऐतिहासिक बहसों और अहम फैसलों को भी विजुअल रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे युवा पीढ़ी को बिहार की लोकतांत्रिक परंपरा से

जानिये बिहार में अभी कितने हैं म्यूजियम

https://en.wikipedia.org/wiki/List_of_museums_in_Bihar

बिहार में राज्य सरकार, केंद्र सरकार और अन्य माध्यमों के अंतर्गत छोटे-बड़े लगभग 20 से अधिक प्रमुख और ऐतिहासिक संग्रहालय (Museums) संचालित हैं।
राज्य सरकार के संग्रहालय: बिहार संग्रहालय (पटना), पटना म्यूजियम, चन्द्रगुप्त मौरय संग्रहालय आदि.
केंद्रीय/भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) संग्रहालय: नालंदा archaeological museum, बोधगया archaeological museum, वैशाली संग्रहालय आदि
विशिष्ट और क्षेत्रीय संग्रहालय: गांधी स्मृति संग्रहालय, जैन संग्रहालय और विभिन्न विश्वविद्यालय के संग्रहालय\

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