पुरी (ओडिशा ): विशेष संवाददाता
Jagannath Rath Yatra 2026: पूरे देश में आज रथ यात्रा की धूम देखने को मिल रही है। भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ अलग-अलग रथों पर सवार होकर गुंडिचा मंदिर के लिए निकलेंगे। वहीं ओडिशा के पुरी के श्री मंदिर आयोजित विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के लिए देशभर के श्रद्धालु ओडिशा पहुंचे हैं। रथ यात्रा आज से शुरू हो रही है और 27 जुलाई को नीलाद्री बीजे से इसका समापन होगा। जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर तीनों रथों पर भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा, भगवान जगन्नाथ और चक्रराज सुदर्शन विराजमान हैं।
इस दौरान भक्तों के दर्शन के लिए दिव्य रथों में सवार होकर भगवान नगर भ्रमण कर रहे हैं। श्रद्धा, आस्था और भक्ति के इस अनुपम संगम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। जगन्नाथ रथ यात्रा के मौके पर पुरी के गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि यह प्यार की बारिश है।
“पुरी भगवान जगन्नाथ की पवित्र भूमि है, जहां महाप्रभु भक्तों के बीच आने के लिए अपने सिंहासन से नीचे उतरते हैं। राजाओं के राजा लोगों के दुख, भक्ति और भावनाओं को समझने और उन्हें आशीर्वाद देने के लिए अपना सिंहासन छोड़ते हैं। यही जगन्नाथ संस्कृति का सार है। सालाना जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान, पारंपरिक ‘पहांडी’ रस्म के तहत भगवान बलभद्र को जगन्नाथ मंदिर से औपचारिक रूप से बाहर लाया जाता है।

