Ram Mandir Trust Meeting : चंपत राय का इस्तीफा मंजूर

Champat Rai's resignations accepted at key Ram Temple meet

अयोध्या: विशेष संवाददाता

Champat Rai’s resignations accepted at key Ram Temple meet

राम मंदिर चढ़ावा चोरी और कथित वित्तीय अनियमितताओं के विवाद के बाद बुलाई गई आज की बैठक को ट्रस्ट के भविष्य की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। चंपत राय आज की इस बैठक में शामिल नहीं हुए थे। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा बैठक से बाहर रहे। वहीं, मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े गोपाल राव को भी बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली।

दान चोरी प्रकरण, एसआईटी जांच, ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफे और भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा के बीच यह बैठक हो रही है।जांच में सामने आया है कि बैंक कर्मचारियों के अनुसार दान राशि में से रोजाना 6 से 8 लाख रुपये का गबन किया जा रहा था। इस घोटाले में मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों की मिलीभगत और कई कर्मचारियों के शामिल होने का शक है। गड़बड़ी सामने आने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कई स्तरों पर रकम बरामदगी की है। जांच टीम अब चढ़ावे के सोने-चांदी के रिकॉर्ड की भी गहनता से जांच कर रही है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की इस अहम बैठक में कुल 14 सदस्यों में से 9 सदस्य व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए। वहीं, केंद्र और राज्य सरकार के नामित सदस्यों ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने वाले सदस्यों में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी, ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन, दिनेन्द्र दास, शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, परमानंद गिरी महाराज और स्वामी विश्व प्रपन्न तीर्थ जी महाराज मौजूद रहे. दूसरी तरफ, कुछ सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी इस बैठक से जुड़े, जबकि ट्रस्ट के सदस्य चंपत राय और अरविंद मिश्रा इस बैठक में गैर मौजूद रहे।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला:

आपको बता दें कि अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान की रकम में हेराफेरी के मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि हर दिन लगभग 6 से 8 लाख रुपये की चोरी की जा रही थी। इस खुलासे के बाद से जांच जारी है और मंदिर ट्रस्ट की बैठकों में सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस घोटाले की जांच के लिए एक 3-सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। SIT इस बात की पड़ताल कर रही है कि दान की रकम (नकद, सोना और चांदी) में किस तरह से गबन किया गया।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बीच इस्तीफा दे दिया। सूत्रों ने बताया कि आठ नामित आरोपियों में से कुछ के पास से लगभग 80 लाख रुपये के अलावा कुछ विदेशी मुद्रा भी बरामद की गई है।

Jetline

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