पटना / दिल्ली : डॉ. निशा सिंह
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की सत्ता छोड़ रहे हैं। 10 बार मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने रिटायरमेंट प्लान तैयार कर लिया है। नीतीश कुमार अब केंद्र की राजनीति में जा रहे हैं। नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं। इनके जगह अब बीजेपी से कोई चेहरा बिहार का अगला मुख्यमंत्री होने जा रहा है।
आज पटना में नितीश कुमार अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। इस अवसर पर अमित शाह, नितिन नवीन समेत कई बड़े नेता शामिल रहेंगे। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक सम्राट चौधरी , दिलीप जायसवाल और नित्यानंद राय का नाम अभी तक मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में है। यानि इन तीनों में कोई बिहार के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। नवंबर 2025 में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया था, जो उनका 10वां कार्यकाल है। वे सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री हैं। नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट कर इसकी पुष्टि कर दी है कि वे राज्यसभा जाएंगे। उन्होंने कहा कि एक विकसित बिहार बनाने का उनका संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट किया, जानिए क्या कहा
पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है। संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूँ। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूँ। मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा।
https://x.com/NitishKumar/status/2029427767293665709
प्रेम कुमार होंगे बीजेपी के मुख्यमंत्री ?
सम्राट चौधरी, दिलीप जायसवाल और नित्यानंद राय का नाम अभी तक मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में है, लेकिन जब बीजेपी-जदयू के बीच सत्ता हस्तांतरण होगा तो बहुत कुछ बदल जायेगा। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी का मुख्यमंत्री होगा तो विधान सभा अध्यक्ष- जदयू का होगा। यानि वर्तमान में बीजेपी प्रेम कुमार विधान सभा अध्यक्ष है, जिन्हें ये पद छोड़ना पड़ेगा। बीजेपी के बड़े नेता प्रेम कुमार अति पिछड़ी जाति से आते हैं। वे अमित शाह के बेहद करीबी माने जाते हैं। सूत्रों के अनुसार प्रेम कुमार को अध्यक्ष बनाने में अमित शाह की भूमिका रही थी। अब नए समीकरण में अगर अध्यक्ष पद जदयू के पास चला जायेगा तो फिर प्रेम कुमार का क्या होगा ? तो क्या अभी तक जिनके नाम मुख्यमंत्री पद के लिए रेस में हैं, उनमें प्रेम कुमार भी शामिल हो जायेंगे ? बीजेपी की बिहार में कड़ी परीक्षा है। इस परीक्षा में बीजेपी को लालू-नीतीश के युग के बाद की राजनीति में नफा-नुकसान के फार्मूला से पार पाना है। लालू यादव ने माय (मुस्लिम-यादव) समीकरण से 15 साल तक बिहार में शासन किया, नीतीश सरकार अति पिछड़ा को लेकर सत्ता में रही है। बीजेपी को इन दोनों की रणनीति का काट भी तैयार रखना चुनौती है।
मुख्यमंत्री पद पर सम्राट चौधरी, दिलीप जायसवाल और नित्यानंद राय का नाम अभी तक तैर रहा है, लेकिन इनके नाम पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। बिहार बीजेपी में कई गुट हैं, जो इन तीनों का विरोध कर रही है। नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बिहार से हैं, इसलिए इनकी भूमिका भी अब महत्वपूर्ण हो गयी है। बीजेपी से ऐसे नेता का नाम मुख्यमंत्री हो सकता है, जो विवादित नहीं हो। इस लिस्ट में वर्तमान अध्यक्ष प्रेम कुमार सबसे ऊपर माने जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी प्रेम कुमार के नाम पर मुहर लगा सकती है ! यानि बिहार के अगले मुख्यमंत्री प्रेम कुमार होंगे ?
नया फार्मूला जो अभी तक आया है सामने
बिहार के मुख्यमंत्री बीजेपी से होंगे। दो उप मुख्यमंत्री जदयू से होंगे। बिहार विधान सभा अध्यक्ष जदयू से होंगे। नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार उप मुख्यमंत्री बनेंगे।
नीतीश कुमार क्या अगले राष्ट्रपति होंगे ?
बिहार के राजनीति से रिटायरमेंट लेकर जा नीतीश कुमार दिल्ली में राजनीति करेंगे, तो फिर क्या करेंगे ? नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री रहे, केंद्र में मंत्री भी रहे है, फिर अब उम्र के अंतिम पड़ाव में कौन सी राजनीति करेंगे ? इनके सामने पार्टी के अस्तित्व को बचाने से लेकर अपने छवि को बरकरार रखना है। नीतीश कुमार के करीबी जानकार बतातें हैं कि नीतीश अंतिम पत्ते नहीं खोलते हैं। भले बिहार से एग्जिट हो जायेंगे, लेकिन ख़तम नहीं होंगे ? तो क्या नीतीश कुमार केवल राज्यसभा सांसद होकर रह जायेंगे या फिर अगला कहीं कुछ और होने वाला है ? तो क्या नीतीश कुमार की डील बीजेपी हो चुकी है। यानि जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव में नीतीश कुमार पर बीजेपी फिर से कोई बड़ा फैसला लेगी। तो क्या बीजेपी, नीतीश कुमार अगले राष्ट्रपति कैंडिडेट बनायेगी ? ये सवाल भी अब राजनीति के गलियारे में तैरने लगी है। नीतीश कुमार की पार्टी वर्त्तमान में केंद्र में प्रमुख़ सहयोगी दल है।

