शार्प वे न्यूज नेटवर्क ।
Humayun Kabir: तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में आज शनिवार को बाबरी मस्जिद की नींव रखी और दावा किया कि उन्हें जिला प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग मिल रहा है।
हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने का जब आह्वान किया तो कबीर के समर्थक सिर पर ईंट लेकर निकल भी पड़े। आज, शनिवार को दोपहर 12 बजे कुरान पढ़ी गयी और उसके बाद मस्जिद निर्माण के लिए नींव रखा गया। टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने तो दावा भी किया कि इस आयोजन में जिला प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग मिला। कबीर ने कहा कि 300 करोड़ रू की लागत से बननेवाले इस मस्जिद में अस्पताल, स्कूल सहित मीटिंग हॉल भी होगा। कबीर के बाबरी मस्जिद की नींव रखने के कारण राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।
बीजेपी ने कहा,’यह धार्मिक नहीं, राजनीतिक एजेंडा’
हुमायूं कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद की नींव रखने की वजह से पश्चिम बंगाल राजनीति में बवाल मच गया है। बीजेपी ने कहा कि यह धार्मिक नहीं, राजनीतिक एजेंडा है। बंगाल में भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने कहा कि हुमायूं कबीर जैसे नेता सिर्फ अपनी सियासी रोटी सेंकने के लिए इस तरह के कदम उठा रहे हैं और यह सब सिर्फ मुस्लिम वोटों को अपनी ओर साधने की घृणात्मक कोशिश है। भाजपा ने कहा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में धार्मिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे रही हैं। बीजेपी नेताओं ने सवाल उठाया कि कबीर के विवादित बयानों के बाद उन्हें देर से क्यों निलंबित किया गया और आरोप लगाया कि यह पूरा मामला चुनावी रणनीति से जुड़ा है।
हुमायूं कबीर ने क्यों रखा बाबरी मस्जिद की नींव ?
बाबरी मस्जिद विध्वंस के 31वीं बरसी पर हुमायूं कबीर ने यह कदम उठाया है। हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद विध्वंस के 31वीं बरसी (6 दिसंबर 1992) पर आज शनिवार, (6 दिसबंर, 2025) को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में इसकी नींव रखी है। हालांकि माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और वोटों के ध्रुवीकरण के लिए सांप्रदायिक माहौल को बिगाड़ने के लिए इस तरह की कार्यवाई की जा रही है। बीजेपी ने भी कहा कि यह धार्मिक नहीं, राजनीतिक एजेंडा है।कार्यक्रम के दौरान हुमायूं कबीर ने दावा किया कि राज्य के मुसलमान किसी भी कीमत पर यह मस्जिद बनाकर रहेंगे और वह संविधान के दायरे में रहकर काम कर रहे हैं, क्योंकि जैसे मंदिर और चर्च बन सकते हैं, वैसे ही मस्जिद भी बनाई जा सकती है। कबीर ने कहा कि उनके खिलाफ पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं, लेकिन ‘जिसके साथ अल्लाह है, उसे कोई नहीं रोक सकता।’

