पटना : विशेष संवावदाता
पटना में जदयू कार्यालय में एक पोस्टर लगाए गए पोस्टर में नीतीश कुमार के फोटो के साथ लिख है “टाइगर अभी जिंदा है। यानि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अभी ताकत कम नहीं हुआ है। बिहार की राजनीति में नतीजों से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पोस्टर चर्चा में है। यह पोस्टर एनडीए में जेडीयू की ताकत दिखाने का प्रयास है।
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का चुनाव का परिणाम 14 नवंबर को आने वाला है। चुनाव का परिणाम के पहले सर्वे एजेंसीज ने अपना सर्वे जारी किया है। लगभग हर एजेंसी ने इस बार एनडीए की जीत का दावा किया है। इधर एग्जिट पोल को अपने पक्ष में देख कर जद यू भी गदगद है, पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार ने 12 नवंबर को पटना में मंदिर, दरगाह और गुरद्वारा में जाकर सन्देश देने की कोशिश की है। इसी बीच आज पटना में जद यू कार्यालय में एक पोस्टर लगा दिया गया है। इस पोस्टर में नीतीश कुमार के फोटो के साथ लिख है “टाइगर अभी जिंदा है। यानि सन्देश ये कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अभी ताकत कम नहीं हुआ है। बिहार की राजनीति में नतीजों से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पोस्टर चर्चा में है। यह पोस्टर एनडीए में जेडीयू की ताकत दिखाने का प्रयास है। एग्जिट पोल एनडीए को बढ़त दिखा रहे हैं।
पार्टी के नटों के मुताबिक यह वाक्य अब महज़ एक पोस्टर नहीं है, बल्कि बिहार की राजनीतिक नब्ज़ का बयान कर रही है। यह पोस्टर बिहार सरकार में मंत्री रहे रणजीत सिन्हा ने लगवाया है। नीचे लिखा है, “दलित, महादलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा, सवर्ण, अल्पसंख्यक का संरक्षक टाइगर अभी जिंदा है।”
बता दें कि चुनाव शुरु होते ही बिहार में चर्चा हो रही थी कि नीतीश कुमार की तबियत खराब है। तेजस्वी यादव और कांग्रेस ने इसे मुद्दा भी बनाया था। ये पोस्टर यह भी मैसेज दे रहा है कि तबियत खराब होने पर भी शेर, शेर ही होता है। मतलब साफ़ है, एनडीए में भ्रम और विपक्ष के हमलों के बीच, जेडीयू यह दिखाना चाहती है कि नीतीश अब भी राज्य की राजनीति के सबसे मज़बूत खिलाड़ी हैं। बता दें कि पहली बार बिहार में 67% मतदान हुआ है, जिसमें महिलाओं की हिस्सेदारी पुरुषों से 9% ज़्यादा रही।

