The Pre-test process for the National Census 2027 has commenced today, November 10, 2025.
दिल्ली : विशेष संवावदाता
Caste Census:केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि 10 नवंबर से देश में राष्ट्रीय जनगणना की प्री-टेस्ट प्रक्रिया शुरू हो रही है। आज गणनाकर्मी इसका परीक्षण करेंगे। यह देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें नागरिकों की जाति संबंधी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
#Census2027 : यह प्रक्रिया 10 से 30 नवंबर 2025 के बीच देशभर के चुनिंदा नमूना क्षेत्रों में आयोजित की जाएगी। प्री-टेस्ट #CensusPreTest का मुख्य उद्देश्य आगामी दो चरणों में होने वाली जनगणना (1 अप्रैल 2026 से 28 फरवरी 2027) की प्रभावशीलता और सटीकता का परीक्षण करना है। इस बार राष्ट्रीय जनगणना का काम 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो रहा है। कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित 2021 की जनगणना को अब जनगणना 2027 के रूप में आयोजित किया जा रह है। भारत में प्रत्येक 10 वर्षों पर जनगणना करने का प्रावधान है, ताकि आबादी के अनुरूप सरकार अपनी योजनाएं बना सके और लोगों का कल्याण कर सकें।
पहला चरण (मकान सूचीकरण) 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा, और दूसरा चरण (जनसंख्या गणना और जाति गणना) इसके बाद होगा, जिसका लक्ष्य फरवरी 2027 के अंत तक पूरा करना है। यह स्वतंत्रता के बाद की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना #DigitalCensus होगी, जिसमें नागरिक स्व-गणना (self-enumeration) भी कर सकेंगे। यह 1931 के बाद पहली बार जाति-आधारित जनगणना होगी, जो जनसंख्या गणना के दूसरे चरण के दौरान की जाएगी। अधिकांश भारत के लिए संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 होगी, जबकि जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले क्षेत्रों के लिए यह 1 अक्टूबर 2026 होगी।
क्या होगी पूछताछ ?
जनगणना के प्री-टेस्ट में घरों से करीब 30 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें मकान नंबर, घर की छत और फर्श की सामग्री, परिवार प्रमुख का नाम और लिंग, परिवार में रहने वाले लोगों की संख्या, पीने के पानी का स्रोत, बिजली और शौचालय की सुविधा, खाना बनाने में उपयोग होने वाला ईंधन, टीवी, लैपटॉप, कंप्यूटर, कार, मोबाइल जैसी सुविधाओं की जानकारी शामिल होगी।

