पटना :
बिहार विधान चुनाव 2025 के लिए एनडीए और महागठबंधन का शेयरिंग फॉर्मूला आ गया है। इस बारे में अब घोषणा होना बाकि है। बिहार में इस बार एनडीए और महागठबंधन की सीधी टक्कर है। इसके बीच प्रशांत किशोर की नयी पार्टी जन सुराज भी पहली बार एनडीए और महागठबंधन के अलावा पुरे दमखम से सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
एनडीए में इस बार भी जद यू बड़ा भाई रहेगा
बीजेपी की पटना में दो दिनों तक बैठक चली। इस बैठक में बिहार प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से लेकर सभी बीजेपी नेता शामिल थे। इस बैठक में उम्मीदवारों के बार में चर्चा हुई। चुनाव समिति फाइनल होने के लिए संभावित लिस्ट केंद्रीय नेतृत्व को जल्द ही सौंपा जायेगा। सूत्रों के अनुसार जो सहमति बनी है, उसके अनुसार NDA का फॉर्मूला लगभग फाइनल हो चुका है। अब केवल घोषणा बांकी है। इस बार जेडीयू-101, बीजेपी- 100. लोजपा (रामविलास)- 26 (एक राज्यसभा, एक MLC), उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी- RLM- 8 और जीतन राम मांझी की पार्टी HAM को 8 सीटें मिली है।
धर्मेंद्र प्रधान ने पटना में जीतनराम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा, चिराग पासवान से शीट शेयरिंग फार्मूला को लेकर बातचीत की। इसके बाद नए फार्मूला पर सहमति बानी है। जेडीयू,और बीजेपी शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद NDA के सहयोगी दल के उम्मीदवारों की लिस्ट फिर होगी। बीजेपी की लिस्ट दिल्ली में जारी होगी जबकि जद यू की लिस्ट पटना से जारी किया जायेगा। बीजेपी और जद यू ने सहयोगियों को परिवारवाद से बचने की सलाह दी है। हालाँकि बीजेपी, जदयू के कई नेता जो 70 बर्ष पार कर चुके हैं, वे अपने बेटे-बहु को टिकट दिलाने में जुटे हैं। इस बार बीजेपी से कई पुराने नेताओं का टिकट काट जानने की खबर है।
महागठबंधन में भी लगभग फाइनल है डील
इस बार विधानसभा और लोकसभा चुनाव की स्ट्राइक रेट के साथ क्षेत्रीय समीकरण के आधार पर महागठबंधन में भी सीटों का बंटवारा हो रहा है। पटना में 5 अक्टूबर को तेजस्वी यादव ने महागठबंधन के नेताओं के साथ बैठक की। बिहार चुनाव से पहले तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन की बैठक में सीट बंटवारे पर चर्चा हुई। मुकेश सहनी ने कहा कि हम ही सरकार बनाएंगे और हम ही डिप्टी सीएम बनेंगे। आज फिर तेजस्वी यादव के आवास पर बैठक होगी। इसमें सभी दलों के नेता एक बार फिर जुटेंगे और सीटों पर अंतिम सहमति बनाने की कोशिश करेंगे। सूत्रों के अनुसार, महागठबंधन का लक्ष्य है कि मंगलवार तक सीटों की घोषणा कर दी जाए ताकि चुनाव प्रचार की रणनीति तय की जा सके।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस को 55 से 58, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को 18 से 20 और वाम दलों को 35 से 38 सीटें मिल सकती हैं। इसके अलावा, पशुपति कुमार पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) को तीन और दो-तीन सीटें झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) को सीटें मिल सकती हैं। बची 130 सीटें राजद के खाते में आएंगी।
आपको बता दें कि पिछली बार राजद 144 सीटों पर मैदान में था। कांग्रेस 70 और वामदलों के प्रत्याशी 31 सीटों पर थे। वीआईपी तब एनडीए में थी और लोजपा अकेले बूते मैदान में, जो बाद में दो फाड़ हुई। उसके एक धड़े का नेतृत्व पारस कर रहे।
चुनाव आयोग अब किसी भी दिन चुनाव की तारीख का एलान कर सकता है, बिहार में 22 नवम्वर से पहले चुनाव प्रक्रिया पूरा हो जाना है। सूत्रों के मुताबिक छठ पूजा के तुरंत बाद पहले चरण का चुनाव हो सकता है।

