पटना :
बिहार विधान सभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट का फाइनल बिहार नहीं अब दिल्ली में होगा। दशहरा पूजा के बाद संभव है कि महागठबंधन के सीट शेयरिंग फार्मूला फाइनल हो जायेगा। इसके बाद कांग्रेस भी अपनी लिस्ट जारी कर देगी। इसके पहले बिहार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में गुरुवार को हुई नवगठित बिहार प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में एक अहम फैसला लिया गया है। जिसमें सर्वसम्मति से प्रत्याशी चयन की जिम्मेदारी पार्टी आलाकमान को सौंप दी गई। मतलब की दिल्ली में राहुल गाँधी ,खड़गे , सोनियां गाँधी द्वारा फाइनल किया जायेगा। लिस्ट फाइनल होने से पहले कई सालों बाद पटना में कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक 24 सितंबर को होने जा रही है। बैठक में कांग्रेस के देश भर के बड़े नेता शामिल होंगे। इस बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़के, सहित बड़े नेता शामिल होंगे।
दिल्ली में आज महत्वपूर्ण बैठक, कृष्ण अल्लावारु , राजेश राम , सीएलपी शकील अहमद खान लेंगें मीटिंग में भाग
इधर बिहार कांग्रेस इलेक्शन कमिटी की बैठक के बाद आज 19 सितम्बर को दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। इस बैठक में स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष और सदस्य भी बैठक में शामिल ।रहेंगे. बिहार कांग्रेस के बड़े नेता दिल्ली पहुँच चुके है । बिहार प्रभारी कृष्ण अल्लावारु प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ,सीएलपी शकील अहमद खान दिल्ली पहुँच चुके हैं। इलेक्शन कमेटी के फैसले से बिहार के नेता पार्टी हाई कमान को अवगत कराएंगे। महागठबंधन में जिन सीटों पर बन चुकी है सहमति उन उम्मीदवारों के नामों पर मंथन किया जायेगा।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक पहले फेज में कांग्रेस 38 सीटों की पहली लिस्ट जारी करेगी। बिहार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पटना में गुरुवार को हुई नवगठित बिहार प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में एक अहम फैसला लिया गया है। जिसमें सर्वसम्मति से प्रत्याशी चयन की जिम्मेदारी पार्टी आलाकमान को सौंप दी गई है। यानि अब टिकट फाइनल बिहार नहीं दिल्ली में होगा। किसे मिलेगा ये सब अलाकमान पर निर्भर करेगा।
सूत्रों के मुताबिक बिहार कांग्रेस की तरफ से अलाकमान से कहा गया है इस बार बिहार में कांग्रेस 76 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। राहुल गाँधी की वोट अधिकार यात्रा हे मिल रहे जनता का समर्थन से कांग्रेस का हौसला बढ़ा है।
इस दफे बिहार में महागठबंधन के साथ ही चुनाव लड़ेगी। बिहार इकाई पिछले चुनाव में 70 सीटों पर चुनाव लड़ी थी , जिसमें 19 सीटों पर जीत मिली थी। कांग्रेस को काम सीट मिलने से बिहार में महागठबंधन सरकार बनाने से चूक गयी थी। तेजस्वी 75 सीट जीतकर भी कांग्रेस के कम सीटें मिलने से मुख्यमंत्री नहीं बन सके थे। तब तेजस्वी ने कहा था कि कांग्रेस ने खेल बिगड़ दिया। इस दफे राजद कांग्रेस को कम सीटें देने के मूड में है। जबकि कांग्रेस इस बार बदले माहौल में ज्यादा सीटें लेने की रणनीति पर काम कर रही है। इस बार तेजस्वी यादव चाहते हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा कांग्रेस और लेफ्ट फ्रंट घोषणा कर दे, ताकि वोटरों में कोई कन्फूजन नहीं रहे। राजद इस बार कांग्रेस को कम सीटें देने पर अड़ी है , जबकि ज्यादा सीटें लेने के चक्कर में है। मुख्यमंत्री के चेहरा को लेकर कांग्रेस और राजद में अभी एजेंडा क्लियर नहीं है।
टिकट के दावेदार ने दिल्ली में डाला डेरा
कांग्रेस से टिकट के दावेदार अब दिल्ली में डेरा डाल दिया है। बिहार भवन , बिहार निवास , होटलों में रूककर कांग्रेस मुख्यालय और राहुल गाँधी, खड़गे से जुगाड़ लगाने में जुटे हैं। कई ऐसे दावेदार हैं जो राजद समर्थित हैं , वो कांग्रेस से टिकट चाहते हैं। कुछ कांग्रेस के नेता अपने परिवार के लिए टिकट चाहते हैं।

