पटना :
बिहार चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना के मौर्या होटल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। बिहार विधान चुनाव को लेकर कई मुद्दों पर बातें हुई। इस मुलाकात के दौरान बीजेपी और जद यू के कई बड़े नेता भी उपास्थि रहे। नीतीश कुमार 16 सितम्बर को पूर्णियां एयरपोर्ट के उद्धघाटन के मौके पर पीएम मोदी के साथ मंच शेयर कर चुके हैं। नीतीश कुमार कह चुके हैं कि अब इधर -उधर नहीं जायेगें , एनडीए में ही रहेगें।
सीट शेयरिंग : एलजेपी रामविलास 25-28 और मांझी को मिल सकती हैं 6-7 सीटें
बिहार में विधानसभा की 243 सीटें हैं. एनडीए में बिहार में पांच दल बीजेपी, जनता दल यूनाइटेड, एलजेपी रामविलास, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा है। सूत्रों की मानें तो ताजा आंकड़ा निकलकर आ रहा है उसके अनुसार, बिहार में 243 में से जेडीयू 102-103, बीजेपी- 101-102, एलजेपी रामविलास 25-28, हम- 6-7 और आरएलएम 4-5 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।
अमित शाह और नीतीश कुमार की बंद कमरे में करीब 20 मिनट तक हुई मुलाकात हुई है। सूत्रों ने बताया कि एनडीए में सीट शेयरिंग का नया फॉर्मूला सामने आया है। 2024 के लोकसभा चुनाव के फॉर्मूले पर ही विधानसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारा होने की संभावना है। बीजेपी 17, जेडीयू 16, एलजेपी रामविलास पांच सीटों पर, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) एक-एक सीट पर चुनाव लड़ी थी।
2020 में किसके खाते में थी कितनी सीटें?
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में जेडीयू के खाते में 122 सीटें थीं। इसमें से सात सीटें जेडीयू कोटे से जीतन राम मांझी कि पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा को दे दी थी. बीजेपी के कोटे में 121 सीटें थीं। बीजेपी ने अपने कोटे की 11 सीटें विकासशील इंसान पार्टी को दी थी. देखा जाए तो जेडीयू 115 सीटों, बीजेपी 110 सीटें पर 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में लड़ी थी. 74 सीटों पर बीजेपी के प्रत्याशी जीते थे. जनता दल यूनाइटेड के 43 कैंडिडेट चुनाव जीत कर आए थे।

