पटना :
Vote Vibe survey : बिहार चुनाव की तारीखों की घोषणा अक्टूबर महीने में होने वाली है। इससे पहले चुनावी माहौल बनाने सर्वे एजेंसियां भी अपने आंकड़े बता रही हैं। वोट वाइब एजेंसी ने बिहार चुनाव को लेकर एक सर्वे किया है जिसमें कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार यह सर्वे 3 सितंबर से लेकर 10 सितंबर के बीच किया गया है और कुल 5635 सैंपल कलेक्ट किए गए हैं। यह सर्वे और इसके आंकड़े इसलिए महत्वपूर्ण हो जाते हैं कि इससे पहले बीते 17 अगस्त से लेकर 1 सितंबर तक राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा बिहार में चली थी। तेजस्वी यादव और राहुल गांधी ने बिहार के 22 से अधिक जिलों का दौरा किया और वहां यात्रा निकाली थी।
Bihar Opinion Poll :
बिहार की जनता का मूड क्या है ? सर्वे का सबसे बड़ा खुलासा
सर्वे में पुरुष 52% और महिलाएं 48% हैं। इसमें भी जाति समुदाय के आधार पर अनुसूचित जाति के 20% लोगों की हिस्सेदारी है, जबकि अनुसूचित जनजाति के दो प्रतिशत लोगों से बात की गई है। अदर बैकवर्ड क्लास यानी पिछड़े वर्ग के 44% लोगों ने इसमें पार्टिसिपेट किया है, जबकि अपर कास्ट के हिंदुओं में 16% से बात की गई है। जबकि मुस्लिमों की करीब 18% की भागीदारी रही है। इसके अलावा अन्य वर्गों के एक प्रतिशत लोगों से पूछा गया है। इसको कैटेगरी में बांटते हैं तो शहरी क्षेत्र के 30% और ग्रामीण आबादी के 70% लोगों से बात की गई है।
जानिए शहरी और ग्रामीण, दोनों ही क्षेत्रों के लोगों क्या का रुझान ?
सर्वे में सबसे पहला सवाल था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए की सरकार के संबंध में आप क्या सोचते हैं, सत्ता विरोधी रुझान है या समर्थन का रुझान है, इसको किस प्रकार देखते हैं? सर्वे में कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। 48 प्रतिशत लोगों ने साफ तौर पर माना है कि बिहार में मजबूत सत्ता विरोधी लहर है, जबकि 27.1% लोगों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सत्ता के समर्थन में लोग खड़े हैं। वहीं तटस्थ रहने वालों की संख्या भी काफी महत्वपूर्ण है, और यह करीब 20.6% है। जबकि, पता नहीं या फिर कह नहीं सकते कहने वालों की संख्या 4.3% है।
इन आंकड़ों को गहराई से देखें तो शहरी वर्ग के लोगों में 48% लोगों ने साफ कहा कि हम मौजूद सरकार के खिलाफ हैं। वहीं, 31% शहरी लोगों ने समर्थन में अपना मत व्यक्त किया, जबकि 17% लोग तटस्थ रहे। वहीं, चार प्रतिशत लोगों ने कहा कि पता नहीं या कह नहीं सकते। इसी प्रकार इसी सवाल पर ग्रामीण क्षेत्र के 48% लोगों ने सत्ता विरोधी बात कही तो 25% लोगों ने समर्थन में अपना मत जाहिर किया है, जबकि 22% लोगों ने तटस्थता की बात की। वहीं, 4% लोगों ने अपनी अभिज्ञता जाहिर की है।

