दिल्ली :
चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए शेड्यूल जारी कर दिया है. नामांकन की अंतिम तारीख 21 अगस्त है और 9 सितंबर को इस पद के लिए वोट डाले जाएंगे और इसके बाद देश को नया उपराष्ट्रपति मिलेगा. इसके बाद 22 अगस्त को सभी दाखिल नॉमिनेशन की स्क्रूटनी की जाएगी.
25 अगस्त को कैंडिडेट द्वारा नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख है. 9 सितंबर को संसद सदस्य उम्मीदवार के लिए मतदान करेंगे. मतदान का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया है. इस चुनाव में राज्यसभा के 233 इलेक्टेड, 12 नॉमिनेटेड और लोकसभा के 543 सदस्य हिस्सा लेंगे।. बता दें कि 21 जुलाई को जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया था. उनका कार्यकाल 10 अगस्त 2027 को समाप्त होने वाला था, लेकिन धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफे की घोषणा की थी.
उपराष्ट्रपति पद के चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि अप्रैल 2022 के बाद पहली बार राज्यसभा में पार्टी ने 100 सांसदों का आंकड़ा पार किया है. तीन मनोनीत सदस्य भी इसमें शामिल हुए हैं. चुनाव आयोग ने 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति का चुनाव कराने की घोषणा की है.
उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदाताओं की संख्या और महत्वपूर्ण जानकारी
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग भारत के उपराष्ट्रपति के पद के लिए चुनाव कराता है. इसमें संविधान के अनुच्छेद 66(1) के अनुसार, भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है, जिसमें राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य, राज्यसभा के मनोनीत सदस्य और लोकसभा के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं. उप-राष्ट्रपति का निर्वाचन संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से बने निर्वाचक मंडल द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से किया जाता है. वर्ष 2025 के 17वें उप-राष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में सदस्य शामिल हैं: राज्य सभा के 233 निर्वाचित सदस्य (वर्तमान में 5 सीटें रिक्त हैं). राज्य सभा के 12 मनोनीत सदस्य, और लोकसभा के 543 निर्वाचित सदस्य (वर्तमान में 1 सीट रिक्त है). निर्वाचक मंडल में कुल 788 सदस्य होते हैं (वर्तमान में 782 सदस्य). सभी निर्वाचक संसद के दोनों सदनों के सदस्य होते हैं, अतः प्रत्येक सांसद के मत का मूल्य समान होता है, अर्थात् 1 (एक)। संविधान का अनुच्छेद 66 (1) यह प्रावधान करता है कि चुनाव एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व की प्रणाली से गुप्त मतदान द्वारा संपन्न होगा. इस प्रणाली में मतदाता उम्मीदवारों के नाम के सामने अपनी पसंद के अनुसार क्रम निर्धारित कर सकते हैं. पसंद अंतरराष्ट्रीय भारतीय अंकों, रोमन अंकों, या किसी भी मान्यता प्राप्त भारतीय भाषा में दी जा सकती है. पसंद केवल अंकों में दी जानी चाहिए, न कि शब्दों में। मतदाता जितने चाहें उतने उम्मीदवारों के लिए पसंद का क्रम अंकित कर सकते हैं. पहले क्रम की पसंद अंकित करना अनिवार्य है— उसके बिना मत पत्र अमान्य माना जाएगा, जबकि अन्य पसंद वैकल्पिक हैं. मतदान के लिए चुनाव आयोग विशेष पेन उपलब्ध कराएगा. यह पेन मतदान केंद्र में नामित अधिकारी द्वारा मतपत्र सौंपते समय मतदाताओं को दिया जाएगा. मतदाता को केवल इसी पेन से मतपत्र भरना होगा; किसी अन्य पेन का उपयोग करने पर मत अमान्य माना जाएगा.

