दिल्ली :
Constitution Club of India Elections :दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में सचिव प्रशासन पद के चुनाव में बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी और पूर्व सांसद संजीव बालियान आमने-सामने हैं. राजीव प्रताप रूडी और संजीव बालियान के बीच सचिव पद के लिए मुकाबला है.
इस बार बीजेपी के दो दिग्गज नेता राजीव प्रताप रूडी और संजीव बालियान, आमने-सामने हैं. वोटिंग 12 अगस्त को होगी और नतीजे उसी दिन शाम को आएंगे. इस चुनाव में सचिव (प्रशासन) तथा 11 कार्यकारी सदस्यों का निर्वाचन किया जाएगा. इस बार मुकाबला हाई प्रोफाइल हो गया है, क्योंकि इस बार सचिव (प्रशासन) पद के लिए बीजेपी के दो वरिष्ठ नेताओं– राजीव प्रताप रूडी और डॉ. संजीव बालियान के बीच सीधा मुकाबला हो रहा है. पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके बालियान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक प्रभावशाली जाट नेता हैं, जबकि राजीव प्रताप रूडी बिहार से हैं और राजपूत जाति से आतें हैं. एक तरफ रूडी हैं जो पहले चुनावों से अब तक इस पद का चुनाव जीतते रहे हैंं और क्लब के कायाकल्प के हीरो रहे हैं. क्लब में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जैसे रेस्टोरेंट, जिम, स्पा. वहीं संजीव बालियान पिछला लोकसभा चुनाव हार गए थे.
इस चुनाव में प्रत्याशी के तौर पर राजीव प्रताप मजबूत है लगातार पच्चीस सालों से सचिव पद पर काबिज है, तोड़-जोड़ सब उनको आता है और वहीं संजीव बाल्यान अमित शाह का भरोसे है. अमित शाह आज भले गृहमंत्री है, लेकिन राजीव प्रताप पुराने खिलाड़ी है जब अमित शाह को कोई जानता तक नहीं था तब अटल जी की सरकार में भी केंद्रीय मंत्री थे.
ये चुनाव चौथी बार हो रहा है; इससे पहले 2009, 2014 और 2019 में चुनाव हो चुके हैं. इसके पहले भी बीजपी के ही विजय गोयल और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद क्लब का चुनाव लड़ चुके हैं. इस बार कार्यकारी सदस्य के लिए 11 पदों के लिए कुल 14 नामांकन प्राप्त हुए हैं. इनमें शिवसेना, टीएमसी, एसपी, बीजेपी, कांग्रेस समेत सभी दलों के सांसद शामिल हैं.
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के इतिहास के बारे में जानिये :
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब की स्थापना 1947 में संविधान सभा के सदस्यों के संवाद हेतु हुई थी. बाद में इसे सांसदों के क्लब के रूप में मान्यता मिली. इसकी औपचारिक संरचना 1965 में राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा उद्घाटन के साथ स्थापित हुई. वर्ष 1998-99 में लोकसभा अध्यक्ष स्व. जीएमसी बालयोगी ने एक विज़न कमेटी गठित की, जिसमें राजीव प्रताप रूडी, हन्नान मौला जैसे सदस्य शामिल थे. इस कमेटी के माध्यम से क्लब में आवश्यक सुधारों की नींव पड़ी और रूडी को सचिव (प्रशासन) के रूप में नामित किया गया. 2002 में क्लब को सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत पंजीकृत किया गया, जिससे इसे संवैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ. तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष स्व. सोमनाथ चटर्जी के निर्णयानुसार क्लब में चुनाव आधारित गवर्निंग व्यवस्था की शुरुआत हुई.

