राज्यसभा में बीजेपी सदस्यों की संख्या 102 हो गई

दिल्ली :

राज्यसभा की मौजूदा ताकत 240 सांसदों की है, जिसमें 12 नामित सदस्य भी शामिल हैं और 5 सीटें खाली हैं. ऐसे में बीजेपी के पास अकेले 102 सांसद हैं. वहीं एनडीए गठबंधन की बात करें तो यह आंकड़ा बढ़कर 134 हो जाता है, जो बहुमत के आंकड़े से काफी ज्यादा है.

अगले महीने 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले राज्यसभा में बीजेपी का आंकड़ा 102 पहुंच गया है, जो बीजेपी के लिए बेहद अहम मानी जा रही है. राज्यसभा में बीजेपी को ये ताकत अप्रैल 2022 के बाद पहली बार मिली है. बीजेपी की सदस्यों में बढ़ोतरी हुई है. राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने वाले देश के चर्चित वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम, पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और सामाजिक कार्यकर्ता सी सदानंदन मास्टर बीजेपी में शामिल हो गए. राज्य सभा में अब बीजेपी पार्टी के सदस्यों की संख्या 102 हो गई है. राज्यसभा में वर्तमान में 12 मनोनीत सदस्यों सहित 240 सांसद हैं और 5 सीटें अभी भी खाली हैं.

दरअसल राज्यसभा की मौजूदा ताकत 240 सांसदों की है, जिसमें 12 नामित सदस्य भी शामिल हैं और 5 सीटें खाली हैं. ऐसे में बीजेपी के पास अकेले 102 सांसद हैं. वहीं एनडीए गठबंधन की बात करें तो यह आंकड़ा बढ़कर 134 हो जाता है, जो बहुमत के लिए जरूरी 121 के आंकड़े से काफी ज्यादा है. इससे पहले 31 मार्च, 2022 को 13 राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनावों के नतीजे आने के बाद बीजेपी इतिहास में राज्यसभा में 100 से अधिक सांसदों वाली दूसरी पार्टी बन गई थी. तब बीजेपी की संख्या 97 से बढ़कर 101 हो गई थी. वहीं कांग्रेस ने 1988 और 1990 में यह आंकड़ा पार किया था.

2022 के बाद कम होते गए बीजेपी के सांसद

साल 2022 में 13 राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनावों के बाद बीजेपी भारत के इतिहास में संसद के ऊपरी सदन में 100 से ज़्यादा सांसदों वाली दूसरी पार्टी बन गई थी, जबकि कांग्रेस 1988 और 1990 के बीच में राज्यसभा में ये आंकड़ा छू पाई थी. 3 साल पहले बीजेपी सांसदों की संख्या 97 से बढ़कर 101 हो गई थी. इसके बाद बीजेपी सांसदों की संख्या घटती गई और पिछले हफ़्ते तक यह संख्या 99 पर पहुंच गई थी. एनडीए के अब राज्यसभा में 134 सांसद हैं, जिनमें 12 मनोनीत सदस्यों में से 5 शामिल हैं और यह 121 के मौजूदा बहुमत के आंकड़े को आसानी से पार कर गया है.

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26/11 मुंबई हमलों के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त होने और एकमात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी अजमल कसाब पर मुकदमे के मामले को लेकर वरिष्ठ वकील 72 वर्षीय उज्ज्वल निकम सुर्खियों में आए. उन्हें 2016 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था और उन्होंने पिछले साल बीजेपी के टिकट पर मुंबई उत्तर मध्य सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन कांग्रेस की वर्षा गायकवाड़ से हार गए थे. हर्षवर्धन श्रृंगला 2020 से अप्रैल 2022 तक भारत के विदेश सचिव रहे और 2023 में जी-20 शिखर सम्मेलन के मुख्य समन्वयक थे. उन्होंने अमेरिका में भारत के राजदूत और बांग्लादेश में उच्चायुक्त के रूप में भी काम किया है. सी सदानंदन मास्टर केरल के एक सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षक हैं. 1994 में उनके पैर काट दिए गए थे. उन्होंने दावा किया था कि यह हमला सीपीएम कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया था, जो उनके बीजेपी में शामिल होने से नाराज थे. उन्होंने 2016 में बीजेपी के टिकट पर केरल में विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए. इन तीनों के अलावा भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद की सदस्य रहीं इतिहासकार मीनाक्षी जैन को भी राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया. उन्हें 2020 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया.

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