बिहार : राज्यपाल से उत्कृष्ट अवार्ड पाने वाले कुलपति जाँच के घेरे में, मामला मुख्यमंत्री और राज्यपाल के पास पहुंचा

SP Singh, VC Lalit Narayan Mithila University, Darbhanga under inquiry

पटना : विशेष संवाददाता

बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फ़िर से सवालिया निशान लग गया है. अभी मगध विश्वविद्यालय के कुलपति की धांधली और करोड़ों रुपए की बरामदगी का मामला शांत भी नहीं पड़ा है कि ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर एसपी सिंह पर गम्भीर आरोप लगे है. इनके उपर मौलाना मजहरुल हक अरबी-फारसी युनिवर्सिटी के प्रभारी कुलपती रहते हुए टेंडर में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया गया है. मजेदार बात ये है कि एसपी सिंह को हाल ही में राजभवन में बेस्ट वीसी होने का अवार्ड मिला है. अब एसपीसिंह को लेकर मौलाना मजहरुल हक अरबी-फारसी युनिवर्सिटी के वर्तमान कुलपति प्रोफेसर कुद्दुस ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार के राज्यपाल को एक पत्र लिखा है. इस पत्र के सामने आने के बाद बिहार के शिक्षा विभाग में भूचाल आया हुआ है.

मौलाना मजहरुल हक अरबी-फारसी युनिवर्सिटी, पटना के वर्तमान वीसी प्रोफेसर कुद्दुस ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार के राज्यपाल को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होने दरभंगा ललित नारायण मिथीली यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर एसपी सिंह पर गम्भीर आरोप लगाये हैं. इस पत्र में प्रोफेसर कुद्दुस ने लिखा है कि मौलाना मजहरुल हक अरबी-फारसी युनिवर्सिटी के प्रभारी कुलपति रहते हुए प्रोफेसर एसपी सिंह ने टेंडर में बडी गड़बड़ी की है और करोड़ों रुपए का घोटाला किया है. पत्र में आरोप लगाया गया है कि जब प्रोफेसर कुद्दुस को यहाँ का वीसी बनाया गया तो 19 अगस्त 2021 वो यहाँ प्रभार लेने पहुँचे थे, लेकिन इनके युनिवर्सीटी में पहुँचने के बावजुद भी 19 को प्रभार न देकर 23 अगस्त को प्रभार दिया गया. इसी बीच वीसी एसपी सिंह ने टेंडर में घोटाला कर दिया.

प्रोफेसर एसपी सिंह पर आरोप है कि प्रभार देने से पहले मैन पावर के लिये आउटसोर्सिंग एजेंसी और उत्तरपुस्तिका खरीद का टेंडर फाइनल कर दिया था. अब नए कुलपति कुद्दुस ने टेंडर में गड़बड़ी पकड ली है और मामले की जांच में तीन सदस्यीय कमिटी जुटी है. आरोप है कि मौलाना मजरूल हक युनिवर्सीटी में आरएसएस सर्विसेज ने 45 मैनपावर आपूर्ति किया था, लेकिन एजेंसी की ओर से 80 मैनपावर के भुगतान का बिल भेजा गया. परीक्षा में लिखे जाने वाले उत्तर पुस्तिका 7 रुपये में अब तक खरीद होती रही है, लेकिन इनके रहते इस उत्तरपुस्तिका को 16 रुपये में खरीदा गया. सबसे बडी बात ये है कि लखनऊ के बीके प्रिंटर्स को मौलाना मजहरुल हक अरबी-फारसी युनिवर्सिटी को उत्तरपुस्तिका देने का टेंडर मिला है और यही एजेंसी मगध युनिवर्सीटी में भी काँपिया उपलब्ध कराती रही है, जिस पर निगरानी विभाग पहले से ही जाँच कर रही है.​

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2 thoughts on “बिहार : राज्यपाल से उत्कृष्ट अवार्ड पाने वाले कुलपति जाँच के घेरे में, मामला मुख्यमंत्री और राज्यपाल के पास पहुंचा

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