बिहार में पत्रकारों की सुरक्षा : बिहार में पत्रकारों पर हमला होने पर सख्त कार्रवाई होगी, पुलिस महानिदेशक ने इसके लिए आवश्यक निर्देश जारी कर दिया है। बिहार में पत्रकारों, बुद्धिजीवियों एवं मीडियाकर्मियों की सुरक्षा और समाचार संकलन के दौरान उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने को लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी वरीय पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है।
पटना/संवाददाता । बिहार में पत्रकारों, बुद्धिजीवियों एवं मीडियाकर्मियों की सुरक्षा और समाचार संकलन के दौरान आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने को लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी वरीय पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। बीते दिनों राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशिकांत राय ने व्यक्तिगत रूप से मिलकर पुलिस महानिदेशक को पत्रकारों के सामने आनेवाली सुरक्षा संबंधी समस्याओं से अवगत कराया था और इसी के संदर्भ में पुलिस मुख्यालय द्वारा कार्रवाई की गयी है। पुलिस महानिदेशक द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार, अनावश्यक हस्तक्षेप अथवा समाचार संकलन और छायांकन में बाधा डालने की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


पुलिस मुख्यालय की ओर से पुलिस अधीक्षकों को भेजे गये गृह विभाग के संकल्प ज्ञापांक-3663, दिनांक 2 मई 2017 में वर्णित प्रावधानों के अनुरूप पत्रकारों की सुरक्षा से संबंधित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। पुलिस मुख्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस संबंध में कार्रवाई नियमानुकूल और संवेदनशील तरीके से की जाए। पत्र में कहा गया है कि ‘राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशिकांत राय की ओर से पत्रकारों, बुद्धिजीवियों एवं मीडिया कर्मियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर ज्ञापन दिया गया था, जिसमें विगत वर्षों के दौरान संवाद संकलन एवं छायांकन के समय पत्रकारों पर हुई हिंसक घटनाओं तथा पुलिसकर्मियों द्वारा किए जाने वाले अनावश्यक हस्तक्षेप और बाधा का उल्लेख करते हुए सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई थी।
‘राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग’ द्वारा दिये गये ज्ञापन में पत्रकारों एवं बुद्धिजीवियों की सुरक्षा से जुड़े कई बिंदुओं पर कार्रवाई का अनुरोध किया गया था। इनमें पत्रकारों पर होने वाले हमलों को गंभीर अपराध मानते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा पत्रकारों और बुद्धिजीवियों से जुड़ी समस्याओं को संगठन द्वारा उठाए जाने पर शीघ्र कार्रवाई करना प्रमुख रूप से शामिल था।
समाचार संकलन के दौरान सहयोग का निर्देश
पुलिस मुख्यालय ने अपने निर्देश में कहा है कि प्रेस और मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। इसलिए सभी पुलिस अधिकारी अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को पत्रकारों, बुद्धिजीवियों एवं मीडियाकर्मियों के साथ नम्र एवं सम्मानजनक व्यवहार करने के लिए निर्देशित करें। समाचार संकलन, घटनास्थल की रिपोर्टिंग और छायांकन के दौरान उन्हें नियमानुसार समुचित सहयोग उपलब्ध कराया जाए। पत्रकारों के विरुद्ध पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर किसी प्रकार की निरोधात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। कानून-व्यवस्था या सुरक्षा से जुड़ी वास्तविक परिस्थितियों में आवश्यक कार्रवाई नियमों के अनुरूप ही की जाए और पत्रकारों के कार्य में अनावश्यक हस्तक्षेप से बचा जाए।
शिकायत मिलने पर होगी निष्पक्ष और त्वरित जांच
पत्र में कहा गया है कि पत्रकारों, बुद्धिजीवियों एवं मीडियाकर्मियों के साथ पुलिस के दुर्व्यवहार की शिकायत प्राप्त होती है तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा। शिकायत की जांच कराई जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने वाले पदाधिकारी या कर्मी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सभी जिलों में अपेक्षित सुरक्षात्मक, निरोधात्मक एवं सतर्कतामूलक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस महानिदेशक, बिहार का अनुमोदन प्राप्त होने के बाद जारी इस निर्देश को पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र रूप से समाचार संकलन के अधिकार की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

