विशेष संवाददाता
दिल्ली : बिहार चुनाव को लेकर गृह मंत्री अमित शाह 18 सितंबर को बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण बैठकें करने वाले हैं। उनका यह दौरा केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी की ‘मिशन 225+’ रणनीति को जमीन पर उतारने की एक महत्वपूर्ण कवायद है। आगामी चुनाव में कांग्रेस की बढ़ी सक्रियता और वोट चोरी के आरोपों के बीच बीजेपी भी एक मजबूत मुद्दा खोज रही है जिसे वो वोट चोरी के खिलाफ हथियार बना सके। अमित शाह का बिहार पहुंचना ये बताता है कि बीजेपी अब राहुल- तेजस्वी के अभियान की धार को कम करने में जुट गयी है।
गृह मंत्री अमित शाह डेहरी-ऑन-सोन, रोहतास जिले में कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में लगभग 2,500 कार्यकर्ता शामिल हो सकते हैं। इसके बाद वे बेगूसराय में भी एक चुनावी बैठक करेंगे, जिसमें कोसी और मिथिलांचल क्षेत्र के बीजेपी नेता और पदाधिकारी शामिल होंगे।
18 सितम्बर की सुबह 11:30 बजे रोहतास बीजेपी की क्षेत्रीय बैठक में शामिल होंगे। दोपहर 2:30 बजे तक वह रोहतास से बेगूसराय पहुंचेंगे। शाम 5:30 तक पटना हवाई अड्डा पहुंचेंगे और वहीं से दिल्ली रवाना होंगे। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य बीजेपी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना, आगामी विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार करना और सीट-दर-सीट समीकरणों पर चर्चा करना है। विधान सभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने बिहार को पांच क्षेत्रों में बांटा है, और अमित शाह इनमें से दो क्षेत्रों के नेताओं से मिलकर रणनीति पर बात करेंगे। पार्टी का लक्ष्य 225 सीटें जीतना है, जिसके लिए सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में संयुक्त कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। यह दौरा बिहार में बीजेपी की चुनावी तैयारियों को गति देने के लिए काफी अहम माना जा रहा है।

