The Central Government has approved the establishment of a new National School of Drama (NSD) campus in Bihar.The establishment of the NSD will give national recognition to Bihar’s glorious theatrical and cultural tradition: Dr. Pramod Kumar, Minister Says
The Bihar state government will provide suitable land and bear 50 percent of the approved building construction cost.
Bihar Chief Minister Samrat Choudhary on Tuesday said the Centre has approved the establishment of a National School of Drama (NSD) campus in the state, boosting its rich theatre and performing arts traditions.
पटना: कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग, बिहार, पटना के संवाद कक्ष में किया गया। मंत्री, कला एवं संस्कृति विभाग डा. प्रमोद कुमार, विभागीय सचिव श्री प्रणव कुमार, सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक श्रीमती रूबी एवं संग्रहालय निदेशालय के निदेशक श्री कृष्ण कुमार ने पटना में प्रेस कांफ्रेंस की। मंत्री डा. प्रमोद कुमार ने कहा कि NSD की स्थापना से बिहार की गौरवशाली रंगमंचीय एवं सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

बिहार में NSD सेंटर की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण पहल: डा. प्रमोद कुमार, मंत्री
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प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मंत्री डा. प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार में NSD सेंटर की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा पिछले दिनों बिहार में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के नए सेंटर की स्थापना को केंद्र सरकार की मंजूरी की जानकारी दी गई। यह बिहार की गौरवशाली रंगमंचीय एवं सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे राज्य के कलाकारों और युवाओं को अभिनय, रंगमंच, स्टेजक्राफ्ट एवं अन्य विधाओं में उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के नए अवसर मिलेंगे।मंत्री ने कहा कि बिहार की प्रतिभा को अब बाहर नहीं जाना होगा।NSD कैंपस की स्वीकृति नए बिहार की नई पहचान है, जहाँ कला को सम्मान, कलाकारों को मंच और युवाओं को भविष्य मिलेगा। अब बिहार migration नहीं, creation का hub है।
मंत्री ने कहा कि बिहार की समृद्ध कला, संस्कृति, लोक परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विभाग द्वारा विभिन्न स्तरों पर महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। राज्य के सभी 38 जिलों में अम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की पहल के तहत अब तक लगभग 3,000 बच्चों को नृत्य, संगीत, वाद्य एवं अन्य कला विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वहीं, मिथिला चित्रकला संस्थान, मधुबनी द्वारा रामचरितमानस पर आधारित 108 मीटर लंबी मिथिला पेंटिंग को वर्ल्ड रिकॉर्ड का दर्जा प्राप्त हुआ है।
सांस्कृतिक कैलेण्डर, 2026-27 का निर्माण
वर्ष 2026-27 के सांस्कृतिक कैलेंडर में लगभग 240 उत्सव एवं महोत्सव शामिल किए गए हैं। वरिष्ठ एवं आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना के तहत ₹3,000 प्रतिमाह पेंशन का प्रावधान है और अब तक 411 कलाकारों का चयन किया गया है।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व- 1000 वर्ष की अटूट आस्था
माननीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 20 जुलाई 2026 को लगभग 1,100 श्रद्धालुओं के लिए ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व–1000 वर्षों की अटूट आस्था’ के अवसर पर दो दिवसीय सोमनाथ यात्रा आयोजित की गई। वहीं 9 से 17 अगस्त 2026 तक ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत राज्यभर में कार्यक्रम आयोजित हुए तथा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 10,000 से अधिक युवाओं एवं जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से जे.पी. गोलंबर से कारगिल चौक तक तिरंगा रैली निकाली गई। 7 अगस्त 2026 को ज्ञान भवन, पटना में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुआ।
कलाकार पंजीकरण पोर्टल का निर्माण
विभागीय सचिव श्री प्रणव कुमार के द्वारा जानकारी दी गई कि कलाकारों के लिए लॉन्च किए गए समग्र कलाकार पंजीकरण पोर्टल पर अब तक 7,000 से अधिक कलाकार पंजीकृत हो चुके हैं। बिहार को फिल्म-फ्रेंडली डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए फिल्म पोर्टल पर 862 कलाकार, 148 निर्माता और 29 सेवा प्रदाता (वेंडर्स) ऑनबोर्ड किए गए हैं। बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति, 2024 के तहत अब तक 59 से अधिक परियोजनाओं—46 फिल्में, 2 वेब सीरीज और 11 डॉक्यूमेंट्री—को शूटिंग की अनुमति दी गई है। फिल्म एवं नाट्य क्षेत्र में 47 मेधावी युवाओं को ₹30.46 लाख की छात्रवृत्ति दी गई है।
अटल कला भवन निर्माण योजना
सचिव के द्वारा बताया गया कि राज्य के सभी जिलों में 620 दर्शक क्षमता वाले अटल कला भवन का निर्माण किया जा रहा है। इस योजना के तहत 7 जिलों- सारण, गया, पूर्णिया, सहरसा, बेगूसराय, मुंगेर और दरभंगा में भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि अन्य जिलों में कार्य प्रगति पर है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 10 संस्थाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
बिहार ललित कला अकादमी, भारतीय नृत्य कला मंदिर एवं मिथिला चित्रकला संस्थान सहित विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से आयोजित कार्यशालाओं से अब तक 1,000 से अधिक बच्चों को प्रशिक्षण मिला है। विलुप्तप्राय कलाओं के संरक्षण के लिए शुरू गुरु-शिष्य योजना में अब तक 260 आवेदन प्राप्त हुए हैं। विभागीय त्रैमासिक पत्रिका ‘कला संवाद’ के 3 अंक प्रकाशित हो चुके हैं।
ज्ञान भारतम् मिशन के तहत बिहार के सभी 38 जिलों में पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर अब तक 8 लाख से अधिक पांडुलिपियां चिन्हित की गई हैं। इनके डिजिटलीकरण एवं मेटाडेटा निर्माण के लिए ₹6,23,68,718 (₹6.24 करोड़) की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय-सह-वाचनालय
भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय-सह-वाचनालय के लिए 29 अप्रैल 2026 को मंत्रिपरिषद से स्वीकृति मिली और वाचनालय का निर्माण पूरा होने के बाद 11 अगस्त 2026 को विभागीय मंत्री द्वारा उद्घाटन किया गया। लखीसराय स्थित ऐतिहासिक लाल पहाड़ी के संरक्षण एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए ₹29 करोड़ 28 लाख 75 हजार की परियोजना पर कार्य जारी है।
बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप, वैशाली
वैशाली में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप का निर्माण ₹550.48 करोड़ की लागत से पूरा हो चुका है और इसके प्रमुख भवन 5 अक्टूबर 2025 से पर्यटकों के लिए खुले हैं। इसके संचालन के लिए स्वायत्त संस्था के गठन को 17 जून 2026 को मंत्रिपरिषद की स्वीकृति मिली।
संग्रहालय निदेशालय के अंतर्गत 35 पदों पर संविदा नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है तथा 9 सहायक संग्रहालयाध्यक्षों की नियुक्ति की जा चुकी है। 80वें स्वतंत्रता दिवस 2026 पर ज्ञान भारतम् मिशन की थीम पर तैयार विभागीय झांकी को तृतीय पुरस्कार मिला।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली एवं पुरातत्व निदेशालय के बीच समझौता
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण एवं बिहार सरकार के बीच राष्ट्रीय महत्व के संरक्षित स्मारकों एवं पुरातात्विक स्थलों के जीर्णोद्धार, उन्नयन एवं रखरखाव के लिए MoU किया गया है। पुरातत्व निदेशालय में स्वीकृत 16 तकनीकी पदों में से 12 पदों पर 11 माह अथवा नियमित नियुक्ति होने तक संविदा के आधार पर नियुक्ति की स्वीकृति मिली है। बिहार विरासत विकास समिति में कार्यपालक निदेशक, समन्वयक (अन्वेषण एवं उत्खनन), सहायक पुरातत्वविद्, शोध सहायक, ड्राफ्ट्समैन एवं सर्वेयर के पदों पर संविदा नियुक्ति की गई है।
पटना : संजय कुमार मिश्रा

