गया जी (बिहार): डॉ निशा सिंह / नन्द किशोर सिंह
Prabodhan Shivir:The Prabodhan Shivir (Orientation-cum-Training Program) in Gayaji, Bihar, started on July 11, 2026. A two-day residential training workshop organized for the Members of the Bihar Legislative Assembly.
बिहार के गया जी स्थित बिपार्ड परिसर में विधायकों के लिए दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर सह ‘प्रबोधन कार्यक्रम’ आज से शुरू हुआ।आज पहले दिन उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। बिहार के गया में नवनिर्वाचित और वरिष्ठ विधायकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर चल रहा है, जिसमें देश के उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन भी शामिल हुए हैं। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, दोनों सदनों के सदस्य तथा मंत्रिपरिषद के सदस्य मौजूद रहे। बिहार विधानसभा के माननीय सदस्यों (विधायकों) के लिए एक दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर है। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम 11 और 12 जुलाई 2026 को आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम बिहार विधानसभा सचिवालय, PRIDE (लोकसभा सचिवालय की संस्था), और BIPARD के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
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बिपार्ड में आयोजित इस दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कुल आठ तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक सत्र के लिए अलग-अलग विषय निर्धारित किए गए हैं, जिनमें संसदीय कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रिया, प्रश्नकाल, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण, सदन की कार्यवाही, जनप्रतिनिधियों की भूमिका, क्षमता विकास और संसदीय शिष्टाचार जैसे विषय शामिल हैं। इस पाठशाला या ओरिएंटेशन प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य नवनिर्वाचित और वरिष्ठ विधायकों की विधायी कार्यक्षमता को बढ़ाना है। इसके तहत निम्नलिखित विषयों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं:
सीएम सम्राट चौधरी ने AI पर विशेष सत्र आयोजित करने पर जोर दिया
इस मौके पर सीएम सम्राट चौधरी ने विधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम में जनता की आवाज बनने और संसदीय उपकरणों का उपयोग करने की नसीहत दी। उन्होंने बिहार विधानसभा में AI पर विशेष सत्र आयोजित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि विधायक लगातार प्रश्न पूछें और सदन के विभिन्न संसदीय उपकरणों का अधिकतम उपयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण, कटौती प्रस्ताव जैसे संसदीय माध्यम केवल औपचारिकताएं नहीं हैं, बल्कि जनता की समस्याओं को सरकार के सामने रखने के सबसे प्रभावी लोकतांत्रिक हथियार हैं। सम्राट चौधरी ने कहा कि निवेश के मामले में बिहार अभी भी पीछे है, लेकिन सरकार उद्योग, निवेश और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार बोले लोकतंत्र को मजबूत करेगा प्रशिक्षण
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि यह प्रशिक्षण किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के विधायकों को इसमें आमंत्रित किया गया है तथा राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य भी इसमें भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से नवनिर्वाचित विधायकों को यह बताया जाएगा कि सदन में किस विषय को किस संसदीय प्रक्रिया के माध्यम से उठाया जाए, ताकि वे अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन कर सकें। इस अवसर पर बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार ने अपने स्वागत भाषण में धर्म, ज्ञान, करुणा और मोक्ष की नगरी गयाजी के गौरवशाली इतिहास को याद दिलाते हुए कहा कि यह भूमि सदियों से ज्ञान-साधना और आत्मचिंतन का केंद्र रही है। उन्होंने वेद, पुराण और रामायण के आदर्शों का संदर्भ देते हुए कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें अत्यंत प्राचीन हैं और हमारे शास्त्र प्रारंभ से ही हमें सुनने, सीखने, संवाद करने तथा आत्मज्ञान को निरंतर बढ़ाने की प्रेरणा देते आए हैं। उन्होंने कहा कि यही मूल्य आज भी लोकतंत्र की आत्मा को सुदृढ़ बनाने के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने प्राचीन काल में थे। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रबोधन कार्यक्रम से सदन की कार्यक्षमता और जनप्रतिनिधियों की प्रभावशीलता में वृद्धि होगी। उन्होंने देश के माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा प्रबोधन कार्यक्रम के शुभारंभ ने माननीय सदस्यों का उत्साहवर्धन किया है।

