उपराष्ट्रपति चुनाव : सी. पी. राधाकृष्णन या बी. सुदर्शन रेड्डी, 9 सितंबर को मिलेगा देश को नया उपराष्‍ट्रपति

दिल्ली :
भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की देर शाम अचानक स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दे दिया था, जिसकी वजह से यह चुनाव हो रहा है। 74 साल के धनखड़ ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति का पदभार संभाला था। ऐसे में उनका कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था।
देश के उपराष्ट्रपति पद के लिए 9 सितंबर को चुनाव है।

उपराष्‍ट्रपति पद के लिए संसद भवन के वसुंधा कक्ष में सुबह 10 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक वोटिंग होगी और छह बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी और शाम 6 बजे परिणाम घोषित किया जाएगा। इस तरह मंगलवार शाम को देश को नया उपराष्‍ट्रपति भी मिल जाएगा। एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है, तो वहीं इंडिया ब्लॉक ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को खड़ा किया है। उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सांसद वोट डालते हैं। इसके लिए व्हिप जारी नहीं होता और गुप्त मतदान होता है। इस बार कुल 782 वोटों में से 48 वोट ऐसे हैं जो न की एनडीए के साथ है और न ही इंडिया के साथ।

जीत के लिए 391 का आंकड़ा, NDA के पास कितने वोट हैं

गुप्‍त मतदान में सांसद अपनी मर्जी के हिसाब से वोट डालने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन मोटे तौर पर पार्टी लाइन के हिसाब से ही वोट डाले जाते हैं। हालांकि, पहले के चुनावों में क्रॉस वोटिंग होती आई है और इस बार भी इसकी संभावना है। इस समय राज्यसभा में 239 और लोक सभा में 542 सांसद हैं यानि जीत के लिए 391 का आंकड़ा चाहिए। एनडीए के पास 425 सांसद हैं, जबकि उसे कुछ अन्य दलों के वोट मिलने का भी भरोसा है। वहीं विपक्ष इंडिया ब्लॉक के पास 312 वोट हैं। आपको बता दें कि पार्टी व्हिप इस चुनाव में लागू नहीं होने के कारण ही 1969 में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी राष्ट्रपति का चुनाव हार गए थे और इंदिरा गांधी के समर्थन से वीवी गिरि चुनाव जीतकर राष्ट्रपति बने थे।

जानिए किस पाले में कौन-सी स्‍थानीय पार्टी है

वायएसआरसीपी ने एनडीए के पक्ष में वोट डालने का ऐलान किया है। उसके राज्यसभा में सात और लोकसभा में चार सांसद हैं। इस तरह एनडीए के पक्ष में 436 सांसद हैं। आम आदमी पार्टी की स्वाति मालीवाल भी एनडीए के पक्ष में वोट डाल सकती हैं। बीआरएस और बीजेडी ने अभी अपना रुख तय नहीं किया है। संभावना है कि बीआरएस मतदान से गैरहाजिर रहे जबकि बीजेडी एनडीए का समर्थन कर सकता है। बीआरएस के राज्य सभा में चार और बीजेडी के सात सांसद हैं। बीआरएस फिलहाल खुल कर एनडीए के साथ नहीं आ सकता, क्योंकि अगले कुछ महीनों में जुबली हिल्स विधानसभा का उपचुनाव है और वहां मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी संख्या है। लोकसभा के सात निर्दलीयों में तीन कहां वोट डालेंगे, यह अभी पक्का नहीं है। इसी तरह अकाली दल, जेडपीएम और वीओटीटीपी के एक-एक सांसदों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। वहीं इंडिया ब्लॉक के पास 312 वोट हैं। “डीएमके, ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल है, लेकिन राधाकृष्णन तमिलनाडु से आते हैं। ऐसे में स्टालिन उनका समर्थन कर सकते हैं, जिनकी पार्टी के पास 32 वोट हैं। अगर वे नहीं करते तो बीजेपी इसका इस्तेमाल उनके ख़िलाफ़ करेगी।” अगले साल तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं एनडीए गठबंधन में शामिल एआईएडीएमके को 66 सीटें मिली थीं।

विपक्ष के पक्ष में कितने वोट

विपक्ष के पास 324 वोट हैं, ऐसे में जीत का अंतर 100 से 125 के बीच रह सकता है। पिछले चुनाव में 2022 में जगदीप धनखड़ ने विपक्ष की मार्गरेट अल्वा को 346 वोटों से हराया था। इस बार जीत का अंतर इतना बड़ा नहीं रहेगा, क्योंकि विपक्ष पहले की तुलना में मजबूत स्थिति में है। एनडीए सूत्रों का दावा है कि राज्य सभा में 150 वोट विपक्ष के उम्मीदवार के खिलाफ रहेंगे और उन्हें 90 से कम वोट मिलेंगे। इसी तरह लोकसभा में भी कुछ ऐसे सांसदों पर एनडीए की नजरें हैं, जो पार्टी लाइन से हट कर उनके साथ आ सकें।

Jetline

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