यूपी विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार ने 10वां बजट , 9.12 लाख करोड़ का बजट किया पेश

UP Budget 2026

लखनऊ: विक्रम राव /विशेष संवावदाता

Uttar pradesh Finance Minister presents budget with total outlay of Rs 9.12 lakh crore.Finance Minister Suresh Kumar Khanna has presented the Budget in the Assembly. According to the Finance Minister, MoUs worth approximately Rs 50 lakh crore have been signed, potentially creating approximately 1 million jobs

UP Budget 2026 : यूपी विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट आज पेश किया गया। इसमें कुछ अहम मुद्दों पर ऐलान किया गया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना 11 फरवरी 2026 को राज्य विधानसभा में योगी सरकार का वार्षिक बजट पेश किया। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अगले वर्ष 2027 की फरवरी – मार्च 2027 में होने की उम्मीद है।

बजट में MSME, कृषि और चिकित्सा शिक्षा पर विशेष फोकस किया गया है। नोएडा एयरपोर्ट पर पांच रनवे बनेंगे। आज सदन में 9.12 लाख करोड़ का बजट पेश किया।
इसमें निवेश, रोजगार, बुनियादी विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर विशे। ध्यान रखा गया है। उत्तर प्रदेश का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सड़कों एवं सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण एवं अनुरक्षण हेतु 34,468 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. प्रदेश में नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के विकास हेतु मार्गों के चौडीकरण/सुदृढ़ीकरण /निर्माण हेतु 400 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रदेश में सेतुओं हेतु 4,808 करोड़ रुपये एवं रेल उपरिगामी/अधोगामी सेतुओं के निर्माण हेतु 1,700 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। राज्य/प्रमुख/अन्य जिला मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण कार्यों हेतु 3,700 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए प्रस्तुत बजट का आकार 9,12,696.35 करोड़ रुपये (09 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख रुपये) है, जो वित्तीय वर्ष 2025-2026 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। इस बजट में पूंजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है।
शिक्षा तथा चिकित्सा हेतु आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 प्रतिशत एवं 6 प्रतिशत है। कृषि और सम्बद्ध सेवाओं के लिए आवंटन कुल बजट का 9 प्रतिशत है।

16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार किया गया है, के क्रम में वित्तीय वर्ष 2026-2027 में राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत रखी गई है जो वर्ष 2030-2031 तक लागू रहेगी। राज्य सरकार सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन एवं ऋण नियंत्रण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कार्यभार ग्रहण करने पर वर्ष 2016-17 में 29.3 प्रतिशत की ऋण जीएसडीपी कि अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी, जिसे हमारी सरकार ने वर्ष 2019-20 तक घटाकर 27.9 प्रतिशत कर दिया था। परंतु, कोविड-19 महामारी के अभूतपूर्व आर्थिक प्रभाव के कारण यह अनुपात बढ़कर वर्ष 2021-22 में 33.4 प्रतिशत हो गया।

वित्त मंत्री ने कहा कि सुनियोजित राजकोषीय प्रबन्धन के परिणामस्वरूप वर्ष 2024-25 में ऋण-जीएसडीपी अनुपात को पुनः घटाकर 27 प्रतिशत से नीचे लाया जा चुका है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसे और कम कर 23.1 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य है।

Jetline

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