Responsibility will be fixed for the Indigo crisis, strict action will be taken, there will be a sample for every aircraft – Union Aviation Minister Ram Mohan Naidu
डॉ. निशा सिंह
Indigo crisis : इंडिगो संकट से देशभर में हवाई यात्राएं बुरी तरह से प्रभावित हुई है। नये यात्री सुरक्षा मानदंड मुताबिक क्रू मेंबर्स की कमी के कारण मुख्य तौर पर इंडिगो के हर दिन फ्लाईट्स कैंसिल हो रहे हैं और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आज संसद में इस मुद्दे को लेकर काफी हंगामा हुआ, जिसके बाद संसद में केंद्रीय उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि अगर कोई लापरवाही बरती गई, तो हम कार्रवाई करेंगे और एक मिसाल कायम करेंगे।
देश भर के हवाई अड्डों पर मची अफरा-तफरी के बाद इंडिगो के पूरी क्षमता के साथ कार्य बहाल करने के प्रयासों के बीच, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने एयरलाइन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी और कहा कि अन्य एयरलाइनों के लिए यह एक मिसाल होगा। आज संसद में बोलते हुए, नायडू ने कहा कि सैकड़ों उड़ानें रद्द होने और हज़ारों लोगों के फंसने की वजह से अफरा-तफरी का माहौल बना और यह सब नए यात्री सुरक्षा मानदंड लागू होने के बाद इंडिगो के आंतरिक संकट का नतीजा थी।
हम स्थिति को हल्के में नहीं ले रहे हैं – राममोहन नायडू
राममोहन नायडू ने सदन को बताया कि नये नियमों के तहत पायलटों, चालक दल और यात्रियों का ध्यान रखा गया है। सभी एयरलाइनों को यह स्पष्ट कर दिया गया था। इंडिगो को चालक दल और रोस्टर का प्रबंधन करना था, लेकिन यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। राममोहन नायडू ने कहा कि हम स्थिति को हल्के में नहीं ले रहे हैं, हम सख्त कार्रवाई करेंगे और हर एयरलाइन के लिए एक मिसाल कायम करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। नायडू ने यह भी कहा कि सरकार विमानन क्षेत्र में और अधिक कंपनियों को शामिल करना चाहती है। देश में पांच प्रमुख एयरलाइनों की क्षमता है, लेकिन मंत्री के जवाब से विपक्ष नाखुश होक सदन से बहिर्गमन कर गया।
आपको बता दें कि देश भर के हवाई अड्डों पर मची इस अफरा-तफरी की वजह लगभग दो साल पहले सरकार द्वारा घोषित किए गए नए उड़ान सुरक्षा नियम हैं। सरकार ने विमान दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ये नियम बनाए थे। पायलटों की थकान को कम करने के लिए उनका डाउनटाइम बढ़ाना, पायलटों की संख्या बढ़ाना, जैसे कार्य कंपनियों को करने थे और इसके लिए एयरलाइनों को और अधिक पायलटों की भर्ती करनी पड़ी, लेकिन इंडिगो ने ऐसा नहीं किया, जिसके कारण यह संकट पैदा हुआ।

