दिल्ली :
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को गिरफ्तार करने वाले आईपीएस अफसर निर्मल कुमार सिंह (एन के सिंह) का दिल्ली में निधन हो गया है। दो दिन पूर्व टहलने के दौरान गिरने से वे अस्वस्थ हो गए थे, जिसके बाद उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ और वे अस्पताल में भर्ती थे। 5 अक्टूबर की रात को उन्होंने अंतिम सांस ली। पूर्व आईपीएस एनके सिंह (81) परिवार के साथ दिल्ली के मयूर विहार में एक अपार्टमेंट में रहते थे। सीबीआइ के पूर्व संयुक्त निदेशक निर्मल कुमार सिंह उर्फ एनके सिंह बिहार के मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र के कुमारखंड गांव के निवासी थे।
एनके सिंह ने तीन अक्टूबर, 1977 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को गिरफ्तार किया था। उस समय केंद्र में मोराराजी देसाई की सरकार थी। एनके सिंह 1961 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। सिंह सीबीआई में संयुक्त निदेशक समेत कई अहम पदों पर रहे हैं। एन के सिंह देश के जाने-माने, ईमानदार एवं कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी रहे। अपने लंबे प्रशासनिक जीवन में उन्होंने कई ऐतिहासिक जिम्मेदारियाँ निभाईं— जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी जैसी महत्वपूर्ण कार्रवाई भी शामिल है।
जीप स्कैंडल में किया था इंदिरा गांधी को गिरफ्तार
एन.के. सिंह 1961 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस पदक, विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और सेवा के दौरान और उसके बाद भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान के लिए रोटरी इंटरनेशनल द्वारा 1998 में ‘मानव सेवा पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। अपने पहले कार्यकाल- 1972 से 1980 तक- के दौरान उन्होंने अक्टूबर 1977 में जीप कांड मामले में इंदिरा गांधी को गिरफ्तार किया था। यह पहली बार था जब कोई पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री जेल गया था। उसी वर्ष, उन्होंने किस्सा कुर्सी कांड मामले में संजय गांधी और वी.सी. शुक्ला पर मुकदमा चलाया था। मोरारजी देसाई की सरकार के समय गृह मंत्री चौधरी चरण सिंह के हस्तक्षेप से जब कथित जीप स्कैंडल में इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी हुई थी तब एनके सिंह ही वह अधिकारी थे, जिन्होंने इंदिरा जी को गिरफ्तार किया था। एनके सिंह उस समय सीबीआई में SP थे। इंदिरा गांधी को गिरफ्तार करने का उन्हें कोपभाजन भी सहना पड़ा। ऐसा आरोप लगाया जाता है कि उनके एक बेटे को संजय गांधी ने ट्रक से कुचलवा कर मरवा दिया था। सीबीआई में उनका कार्यकाल दो खण्डों में रहा। बाद में सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर रहते हुए ही वे रिटायर हुए।
एनके सिंह जी “समता पार्टी” के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। समता पार्टी के सिंबल पर वे कई दफा मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़े लेकिन उन्हें कभी वांछित सफलता नहीं मिल पाई। सेवानिवृत्ति के पश्चात उन्होंने विद्यार्थियों को भी समय-समय पर मार्गदर्शन दिया और अपनी निष्ठा, अनुभव एवं आदर्शों से नई पीढ़ी को प्रेरित किया।उनकी निष्ठा, अनुशासन और निष्पक्षता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगी।
द प्लेन ट्रूथ और होल टूथ किताब लिख चुके हैं एनके सिंह
सीबीआइ से सेवानिवृत्त हुए एनके सिंह ने ‘द द प्लेन ट्रूथ और होल ट्रूथ’ नाम से दो किताबें भी लिखीं हैं। द प्लेन ट्रूथ किताब में उन्होंने 10 साल के सीबीआइ में काम करने के दौरान अनुभव को शब्दों में पिरोया है। दूसरी किताब होल ट्रूथ में उन्होंने अपनी जीवनी को समेटने का काम किया है। होल ट्रूथ के आखिरी अध्याय में उन्होंने लिखा है कि उनके जीवन को दो लोगों ने काफी प्रभावित किया है। पहला नाम उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और दूसरा जमुई के मलयपुर निवासी स्वंतत्रता सेनानी श्याम प्रसाद सिंह का लिया है। अपनी दूसरी किताब में नेहरू की चर्चा करते हुए उन्होंने लिखा है कि उनके ऊंचे बौद्धिक स्तर से वह काफी प्रभावित हुए थे।

