न्यूज़ डेस्क
इस साल गणतंत्र दिवस की परेड में राजपथ पर दिखाई गई राम मंदिर की यूपी की झांकी को पहला स्थान मिला है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राम मंदिर की झांकी के लिए यूपी सरकार को इनाम देंगे. पिछली बार गणतंत्र दिवस में यूपी की झांकी दूसरे स्थान पर रही थी.
गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल झांकियों को देश का गौरव समझा जाता है. इस बार उत्तर प्रदेश की तरफ से क्या थीम हो. इस पर राज्य सरकार की तरफ से खूब माथा पच्ची हुई थी, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आईडिया ही सबको पसंद आया. झांकी में राम मंदिर के मॉडल का आईडिया सीएम योगी का ही था. गणतंत्र दिवस उत्तर प्रदेश के अयोध्या के लिए बेहद खास नजर आया. राजपथ पर आयोजित हुई परेड में अयोध्या की धरोहर, भव्य राम मंदिर की प्रतिकृति, दीपोत्सव की झलक और पौराणिक ग्रंथ रामायण के विभिन्न हिस्सों की झांकी प्रदर्शित की गई. यह झांकी पूरी तरह से राम मंदिर का मॉडल थी, हालांकि झांकी के दौरान कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं किया गया. इस झांकी में एक ओर मिट्टी के बने दीये जगमगा रहे थे. ये दीपक अयोध्या के दीपोत्सव के प्रतीक थे. वहीं, अन्य भित्ति चित्रों (वॉल पेंटिंग्स) में भगवान राम द्वारा निषादराज को गले लगाते और शबरी के जूठे बेर खाते, अहल्या का उद्धार, हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी लाया जाना, जटायु-राम संवाद, लंका नरेश की अशोक वाटिका और अन्य दृश्यों को दिखाया गया.
झांकी को लेकर योगी ने एक बैठक में कहा था, “प्रधानमंत्री जी ने मंदिर का भूमिपूजन कर दिया. देश दुनिया के लिए लोग देखना चाहते हैं कि प्रभु राम का मंदिर कैसे होगा”. बस सीएम की इसी बात पर फैसला राम मंदिर के पक्ष में गया. केंद्र सरकार के अफसरों के साथ हुई बैठक में इस बात का प्रस्ताव रखा गया, जिसे मान लिया गया. झांकी को तैयार करने में करीब 20 दिन लगे. इसे तैयार करने के लिए अयोध्या के कलाकार भी लगाए गए थे. झांकी को पहले ही दिल्ली भेजा गया. जिस दिन गणतंत्र दिवस परेड का रिहर्सल था, उसी दिन से अयोध्या मंदिर के झांकी की चर्चा शुरू हो गई. योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर की झांकी की तस्वीर ट्वीट की थी. उन्होंने इसे सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया.
