राज्यसभा चुनाव 2026: 71 सांसदों का कार्यकाल हो रहा है खत्म, जून-जुलाई में चुनाव संभव

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दिल्ली : डॉ निशा सिंह

Rajya Sabha Elections 2026: इस साल 2026 में राज्यसभा में 71 सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, जिसमें 6 केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं। 2026 में राज्यसभा चुनाव (द्विवार्षिक चुनाव) आमतौर पर जून-जुलाई के आसपास होने की संभावना है। अभी के आंकड़ों के हिसाब से 71 सीटों में से 30 सांसद BJP के हैं, जो राज्यसभा में अपनी संख्या और बढ़ा सकती है। बसपा का लोकसभा चुनाव 2024 के बाद राज्यसभा में भी कोई सांसद नहीं रहेगा, यह मायावती के लिए संकट है। अब इस बात पर भी नजरें लगी रहेंगी कि क्या मोदी मंत्रिपरिषद में फेरबदल होगा। इस प्रस्तावित फेरबदल को भी राज्य सभा चुनावों से जोड़ कर देखा जा रहा है।

बर्तमान आंकड़ों के मुताबिक इन 71 सीटों में सबसे अधिक 30 सांसद भारतीय जनता पार्टी के हैं। बीजेपी राज्य सभा में इस समय अपने ऐतिहासिक सर्वाधिक स्तर 103 पर है। इस साल के अंत तक राज्य सभा के चुनाव के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है। राज्यसभा चुनाव 2026 में BSP साफ हो जाएगी जबकि दूसरी ओर विपक्ष की ताकत उच्च सदन में और घटेगी। दांव पर 6 केंद्रीय मंत्री सहित 71 सांसदों का भविष्य होगा । इस साल सबसे अधिक 10 सांसद UP से रिटायर हो रहे हैं. इनमें BJP के 8 और सपा तथा बसपा के एक-एक सांसद हैं। मौजूदा संख्या के हिसाब से BJP के 7 और सहयोगी दलों का एक तथा सपा के दो उम्मीदवार चुने जा सकते हैं।

जानिए : इस साल केंद्र के 6 मंत्रियों का राज्यसभा का पूरा होगा कार्यकाल

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, सहकारी राज्य मंत्री बी एल वर्मा, केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्व क्षेत्र विकास राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, रेलवे और खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन,सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले।
हरदीप पुरी, बीएल वर्मा UP से BJP के राज्यसभा सांसद हैं। इनमें पुरी और वर्मा उत्तर प्रदेश से बीजेपी सांसद हैं और दोनों का राज्य सभा कार्यकाल नवंबर तक है. इस लिहाज से यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इनकी वापसी होती है या नहीं. राज्यसभा से रिटायरमेंट के समय पुरी की उम्र 75 वर्ष के नजदीक भी पहुंच रही होगी. बिट्टू राजस्थान और कुरियन मध्य प्रदेश से सांसद हैं। रामनाथ ठाकुर बिहार और रामदास आठवले महाराष्ट्र से हैं। माना जा रहा है कि इस साल मोदी मंत्रिपरिषद में फेरबदल हो सकता है। जेडीयू राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश को फिर मौका देगी या नहीं, इस पर निगाहे जमी है।

कांग्रेस के आठ सांसद भी रिटायर हो रहे हैं जिनमें खुद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शामिल हैं। इनके अलावा क्षेत्रीय दलों के सांसद रिटायर हो रहे हैं, जिनमें बीजेपी के सहयोगी दलों के सांसद भी हैं। बंगाल से 5 सांसद अप्रैल में रिटायर होंगे। ये सभी तृणमूल कांग्रेस के हैं। अन्य चुनावी राज्य तमिलनाडु से भी छह सांसद अप्रैल में रिटायर हो रहे हैं.असम से तीन सांसद इस साल अप्रैल में रिटायर हो रहे हैं। इन तीनों राज्यों में इसी साल विधानसभा का चुनाव होना है.

अभी राज्यसभा में NDA के 126 सांसद, कांग्रेस के 27

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले होने वाले उत्तर प्रदेश के इस राज्यसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर दलबदल और क्रॉस वोटिंग भी देखने को मिल सकती है।
फिलहाल राज्यसभा में एनडीए के 126 सांसद हैं। वहीं कांग्रेस के अभी 27 सांसद हैं और ऐसा लगता है कि इस साल के राज्यसभा चुनावों के बाद भी कांग्रेस ऊपरी सदन में नेता विपक्ष की कुर्सी अपने पास रखने में कामयाब रहेगी। एक मनोनीत सांसद सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई का कार्यकाल भी इस साल पूरा हो रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा का कार्यकाल भी इस साल पूरा हो रहा है। कर्नाटक की मौजूदा स्थिति के अनुसार उनकी पार्टी JDS राज्यसभा की कोई सीट जीतने की स्थिति में नहीं है। अगर ऐसा नहीं होता है तो संसद में लंबे समय बाद ऐसा होगा जब दोनों सदनों में से किसी में भी कोई पूर्व प्रधानमंत्री सदस्य नहीं होगा।

बिहार की 5 राज्यसभा सीटों पर चुनाव

इसी अप्रैल महीने में बिहार के कोटे से राज्यसभा की 5 सीटें खाली होने जा रही हैं। जो 5 राज्यसभा सीटे खाली हो रही है, उसमें उपेंद्र कुशवाहा की सीट, RJD कोटे से 2- एडी सिंह और प्रेम गुप्ता और वही जेडीयू से हरिवंश और राम नाथ ठाकुर है।
भाजपा और जदयू दोनों को कम से कम दो-दो सीटें मिलने की दावेदारी के कारण पांचवीं सीट विवाद का केंद्र बनी है। 243 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट पर जीत के लिए 41 विधायकों के के सपोर्ट की जरूरत है, 202 विधायकों के साथ एनडीए के खाते में 5 में से 4 सीटें आ जाए तो हैरानी की बात नहीं होगी, हालांकि 35 सीटों के साथ इंडिया गठबंधन एक भी सीट अपनी जीतने की स्थिति में नहीं है, ऐसे में 5 विधायकों वाले AIMIM की भूमिका अहम होगी।

बंगाल में संख्या बल के मुताबिक तो 230 सदस्यों वाली विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट के लिए 58 वोट चाहिए। संख्याबल के मुताबिक बीजेपी को 2 सीटें तो एक सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है। राज्यसभा में फिलहाल एनडीए के पास 129 सीटें हैं, जबकि विपक्ष के खाते में 78 सीटें हैं।

Jetline

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