गया (बिहार)।
Pitrupaksha Mela Gayaji 2025: विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2025 की शुरुआत 6 सितंबर से होने जा रही है. 5 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध मेला का उद्घाटन 6 सितंबर को होगा. इस दफे 7 सितंबर से गया जी में पिंडदान शुरू हो जाएगा. देश-विदेश से आने वाले पिंडदानियों के लिए गयाधाम सज-धज कर तैयार हो रहा है.
इस बार कुंभ की तर्ज पर विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में साफ सफाई की व्यवस्था होगी. हिन्दू धर्म में पितृ पक्ष विशेष महत्व रखता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, पितृ पक्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से प्रारंभ होता है. आश्विन मास की अमावस्या तिथि पर खत्म हो जाता है. पितृ पक्ष में पितरों को याद कर सम्मान प्रदान किया जाता है. पितृपक्ष में लोग पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं.
गयाजी के विष्णु नगरी में मेला के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों से पिंडदानियों का आना शुरू हो जाएगा. 6 सितंबर गया जी में गोदावरी तालाब या पटना जिले के पुनपुन नदी से पिंडदान शुरू होगा. विष्णु नगरी में मुख्य रूप से 7 सितंबर को फल्गु नदी में स्नान और तर्पण के साथ त्रिपाक्षिक गया श्राद्ध शुरू होगा. जो 22 सितंबर को गायत्री घाट पर मातामाह श्राद्ध के साथ समाप्त होगा.
मेला से पहले बिहार सरकार और जिला प्रशासन द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इस मेला को राजकीय मेला का दर्जा प्राप्त है और हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अपने पितरों के तर्पण के लिए यहां पहुंचते हैं. माना जाता है कि पितृ पक्ष में श्राद्ध करने से पितरों को मोक्ष मिलता है और वे खुश होकर अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं. इस दौरान किए गए दान-पुण्य और तर्पण से परिवार में सुख-समृद्धि आती है और सभी तरह के कष्ट दूर होते हैं.
पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से आने वाले पिंडदानियों की सुविधाओं को लेकर डीएम शशांक शुभंकर द्वारा विष्णुपद मंदिर के समीप स्थित संवाद सदन कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है. पितृपक्ष मेला में आने वाले तीर्थ यात्रियों को महत्वपूर्ण जानकारी तथा सुविधाओं से संबंधित भी जानकारी उपलब्ध कराया जाएगा. नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्यरत रखा जाएगा. इसके साथ ही जिला प्रशासन ने तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए फोन नंबर 92666 28168, 0631-2222500 और 0631-2222253/59 जारी किया गया है.
जानिए पितृ पक्ष की तिथियां
प्रतिपदा श्राद्ध- 08 सितम्बर 2025
द्वितीय श्राद्ध- 09 सितम्बर 2025
तृतीया श्राद्ध- 10 सितम्बर 2025
चतुर्थी श्राद्ध- 10 सितम्बर 2025
पंचमी श्राद्ध- 11 सितम्बर 2025
महा भरणी- 11 सितम्बर 2025
षष्ठी श्राद्ध- 12 सितम्बर 2025
सप्तमी श्राद्ध- 13 सितम्बर 2025
अष्टमी श्राद्ध- 14 सितम्बर 2025
नवमी श्राद्ध- 15 सितम्बर 2025
दशमी श्राद्ध- 16 सितम्बर 2025
एकादशी श्राद्ध- 17 सितम्बर 2025
द्वादशी श्राद्ध- 18 सितम्बर 2025
त्रयोदशी श्राद्ध- 19 सितम्बर 2025
मघा श्राद्ध- 19 सितम्बर 2025
चतुर्दशी श्राद्ध- 20 सितम्बर 2025
सर्वपितृ अमावस्या- 21 सितम्बर 2025


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