ऑनलाइन सट्टेबाजी: सोनू सूद और उर्वशी रौतेला के बाद युवराज सिंह और रॉबिन उथप्पा, अब किसका है नंबर

दिल्ली :

Online Betting Case : ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है. इस केस में पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह और रॉबिन उथप्पा को समन भेजा गया है। कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप, से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह, रॉबिन उथप्पा और एक्टर सोनू सूद को समन भेजा है। तीनों से अगले सप्ताह पूछताछ होगी। इससे पहले सुरेश रैना, हरभजन सिंह सहित अन्य खिलाडी से भी पूछताछ होनी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध सट्टेबाजी ऐप 1xBet से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बॉलीवुड हस्तियों से भी इस मामले में पूछताछ हो रही है। बॉलीवुड कलाकार सोनू सूद और उर्वशी रौतेला से भी इस मामले में पूछताछ की जा रही है. ईडी का ये एक्शन इसलिए हो रहा है, ताकि ये जाना जा सके कि जिन प्लेटफॉर्मस को बैन किया गया है. उनका प्रचार-प्रसार क्यों कर रहे हैं. जिनमें वन बेट, फेयर प्ले और महादेव ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म शामिल है. इसी को लेकर पूर्व क्रिकटर्स और बॉलीवुड कलाकार के खिलाफ ईडी का ये एक्शन हो रहा है.

दरअसल यह मामला सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट्स के जरिए कथित रूप से मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स उल्लंघन से जुड़ा है. ईडी इस बात की जांच कर रही है कि इन प्रचार अभियानों के तहत भुगतान कैसे किए गए और क्या इनमें कोई वित्तीय अनियमितता शामिल थी।

22 अगस्त 2025 को राष्ट्रपति की अनुमति के साथ यह बिल अब कानून बन चुका है

20 अगस्त 2025 को लोकसभा में Promotion and Regulation of Online Gaming Bill, 2025 पेश किया गया और उसी दिन पास भी हो गया. इसके अगले दिन राज्यसभा से भी इस बिल को मंजूरी मिल गई. फिर 22 अगस्त 2025 को राष्ट्रपति की अनुमति के साथ यह बिल अब कानून बन चुका है, जिसे Promotion and Regulation of Online Gaming Act, 2025 के नाम से जाना जाएगा। आपको बता दें कि दिसंबर 2023 में भारतीय दंड संहिता के तहत अनधिकृत सट्टेबाजी पर 7 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान लागू हुआ था. केंद्र सरकार लगातार ऑनलाइन सट्टेबाजी और उनसे जुड़े साइट्स के ख़िलाफ़ सख्त कदम उठाते आ रही है. 2022 से फरवरी 2025 के बीच 1,400 से अधिक सट्टेबाजी और जुआ साइट्स और ऐप्स को ब्लॉक किया गया है. लोकसभा ने ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन बिल 2025 पास कर दिया है, जिसके साथ असली पैसे वाले गेम्स और बेटिंग ऐप्स पर पूरी तरह बैन लगाया जा चूका है। केंद्र सरकार से पहले भी देश के कई राज्य रियल मनी गेम्स और ऑनलाइन सट्टेबाजी पर बैन लगा चुके हैं। इसके बाबजूद ऑनलाइन गेमिंग के मामले सामने आ रहे हैं।

पिछले जून महीने में कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत एक बड़े ऑनलाइन सट्टेबाज़ी और मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया है. इस रैकेट का भंडाफोड़ करने के लिए पश्चिम बंगाल समेत दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश और असम में फैले कई ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया था. इस ऑपरेशन के दौरान बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ और संदिग्ध दस्तावेज़ ज़ब्त किए गए थे। उर्वशी रौतेला के अलावा, पूर्व टीएमसी सांसद मिमी चक्रवर्ती और कई अन्य सार्वजनिक हस्तियां भी जांच के दायरे में हैं. सूत्रों के अनुसार, ईडी यह पता लगाने में लगी है कि क्या इन एंडोर्समेंट डील्स के जरिए काले धन को वैध बनाया गया।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका-ऑनलाइन सट्‌टेबाजी के खिलाप याचिका

याचिकाकर्ता के ए पॉल ने आरोप लगाया है कि कई ऑनलाइन इन्फ्लूएंसर, एक्टर और क्रिकेटर ऑनलाइन ऐप का प्रचार कर रहे हैं और बच्चों को फंसा रहे हैं। पॉल ने दावा किया कि वे उन लाखों माता-पिता की तरफ से याचिका लेकर आए हैं।

Jetline

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