पटना : एनडीए के सीट फार्मूला लगभग तय हो गया है। कौन कितने सीटों पर लगेगा, इसका फार्मूला लगभग क्लियर हो चुका है। एनडीए के सभी पार्टनर को संतुष्ट करने का फॉर्मूला सेट किया गया है। चिराग पासवान, मांझी, कुशवाहा सभी को उनकी हैसियत के हिसाब से सीटें दी जा रही है।
अब सब कुछ ठीक रहा तो दुर्गा पूजा के बीच में ही सीट शेयरिंग फॉर्मूला का एलान कर दिया जायेगा। पिछले दिनों पटना में नीतीश कुमार और अमित शाह कि मीटिंग में इस फार्मूला पर सहमति बानी थी।
क्या है शीट शेयरिंग फार्मूला, जिस पर चुनाव लड़ेगी एनडीए
सूत्रों के मुताबिक जद यू इस बार 102, भाजपा 101 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। एनडीए के सहयोगी दल चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (आर) 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। विधान सभा चुनाव के बाद एलजेपी (आर) को एक एमएलसी और एक राज्यसभा सीटें मिल सकती है। जीतनराम मांझी की पार्टी हम और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी -RLM को 10-10 सीटें दी जा रही है। दोनों नेता कि मांग थी कि उन्हें ज्यादा सीटें दी जाय। सहयोगी को दी जाने वाली सीटें में बदलाव भी हो सकता है। संभावित फार्मूला में एक दो सीट घट या बढ़ सकता है जबकि कुछ सीटों की अदला बदली हो सकती है।
जानिए बिहार विधान सभा चुनाव 2020 में क्या हुआ था
बिहार के पिछले विधान सभा चुनाव में बीजेपी ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 74 सीटें जीती थीं, जबकि जेडीयू ने बीजेपी से पांच अधिक 115 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वह केवल 43 सीटें ही जीत सकी थी। पिछली बार एनडीए में मुकेश सहनी की वीआईपी पार्टी भी थी, जिसे 13 सीटें दी गईं थीं और उसने चार सीटों पर जीत हासिल की थी। पिछले विधानसभा चुनाव में मांझी की पार्टी ने एनडीए के घटक दल के तौर पर सात सीटों पर चुनाव लड़ा था और चार सीटें जीती थी। जबकि कुशवाहा का समझौता असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के साथ था और उनकी पार्टी ने 99 सीटों पर चुनाव लड़ा था और कोई सीट नहीं जीत सके थे। जदयू को मात्रा 43 सीटें मिलने का कारण पार्टी के भीतर अंतरकलह और चिराग पासवान रहा था। 2020 चुनाव में लोजपा का इम्पैक्ट ज्यादा हुआ था। लोजपा को सीटें तो नहीं मिली लेकिन उसने खेल कर ही दिया। लोजपा (रामविलास पासवान) ने जदयू को काफी नुकसान कर दिया। लोजपा के चलते नीतीश कुमार की पार्टी जदयू 35 से ज्यादा सीटों पर चुनाव हार गयी थी। लोजपा का ये वोट अगर जदयू प्रत्याशी के पक्ष में जाता तो जदयू 43 नहीं, बल्कि 79 सीटें जीतती। इसका मतलब ये रहता कि राजद को मिली 79 सीटों में केवल 45 के आसपास सीटें रहती। इस चुनाव में बीजेपी के कई कैंडिडेट लोजपा से चुनाव लड़े थे। जिनकी हार हुई थी। इस दफे चिराग NDA के साथ हैं। पिछली बार चिराग अलग से चुनाव लड़े थे। जिनको बीजेपी का सपोर्ट था।
अक्टूबर के पहले सप्ताह या दूसरे हफ्ते चुनाव का एलान संभव
सूत्रों के अनुसार बिहार विधान सभा चुनाव की तैयारी को लेकर इसी महीने 30 सितंबर के बाद CEC ज्ञानेश कुमार बिहार पहुंचने वाले हैं। इस दौरे में बिहार सरकार के चुनाव से जुड़े अधिकारियों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठक भी करेंगे। इसके बाद चुनाव की तैयारियों का जायजा लेंगे। इसके बाद दिल्ली लौटने के बाद समीक्षा के बाद चुनाव की तारीख का एलान करेंगें। सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग अक्टूबर के पहले सप्ताह या दूसरे हफ्ते की शुरुआती दिनों में बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा।

