दिल्ली : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में मतदान आज होंगे और परिणाम 6 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) चुनाव में इस बार वाम संगठनों AISA, SFI और DSF ने मिलकर मोर्चा बनाया है। ABVP अकेले मैदान में है। आइसा, एसएफआई और डीएसएफ से मिलकर बनी लेफ्ट यूनिटी वर्षों बाद संयुक्त रूप से चुनाव लड़ रही है, जबकि एबीवीपी अकेले चुनाव लड़ रही है. एनएसयूआई, पीएसए, डीएसओ और निर्दलीय उम्मीदवारों ने इस चुनाव में नए आयाम जोड़ दिए हैं। इस बार चुनाव में एबीवीपी का विकास मॉडल और वामपंथी दलों की आजादी की राजनीति के बीच मुकाबला है। विकास पटेल ने एबीवीपी के विकास केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर दिया, जबकि अदिति मिश्र ने वामपंथी दलों की आजादी की विचारधारा का समर्थन किया। छात्रों को इन दो विचारधाराओं में से एक को चुनना है। एबीवीपी के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी ‘विकास पटेल’ और वाम संगठनों की प्रत्याशी ‘अदिति मिश्रा’ से से मुकाबला हो रहा है। रविवार रात में चुनाव को लेकर हुए बहस में कैंपस कई नारों से गूंज उठा. वंदे मातरम…जय भीम…लाल सलाम.. समेत कई नारे दोनों तरफ से लगाए गए। मंच पर अध्यक्ष पद के सात उम्मीदवार थे। सभी को निर्धारित समय दिया गया था।
जानिए मैदान में कौन-कौन हैं प्रत्याशी
लेफ्ट यूनिटी की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार और स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज की पीएचडी स्कॉलर अदिति मिश्रा।
एबीवीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार विकास पटेल।
एनएसयूआई उम्मीदवार विकास।
प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स एसोसिएशन (पीएसए) की उम्मीदवार शिंदे विजयलक्ष्मी व्यंकंत राव
दिशा छात्र संगठन (डीएसओ) की उम्मीदवार शीर्षस्वा इंदु।
जानिए क्या रहा था पिछले चुनाव परिणाम
पिछले साल के चुनाव में आइसा के नीतीश कुमार ने अध्यक्ष पद जीता था, जबकि एबीवीपी के वैभव मीणा ने संयुक्त सचिव पद हासिल किया था—यह संगठन की एक दशक में पहली बड़ी जीत थी। जेएनयूएसयू के तीन प्रमुख पदों पर वामपंथी छात्र संगठनों के उम्मीदवारों की जीत हुई थी इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव का पद शामिल है, जबकि संयुक्त सचिव का पद एबीवीपी के खाते में गया। पिछले चुनाव में 10 वर्ष बाद एबीवीपी एक संयुक्त सचिव का पद जीत सकी थी।

