झारखण्ड : बोकारो के बेरमो में सीसीएल के अमलो PO ऑफिस के सामने जनता मजदूर संघ का धरना, प्रदर्शन, प्रबंधन को मांग पत्र भी सौंपा

Jnata Majdoo Sangh staged a sit-in protest in front of CCL's Amlo PO office in Bermo

बोकारो (झारखण्ड) : शिवपूजन सिंह

Jharkhand: Jnata Majdoo Sangh staged a sit-in protest in front of CCL’s Amlo PO office in Bermo, Bokaro, and submitted a memorandum of demands to the management.

झारखण्ड के बोकारो जिले के अंतर्गत बेरमो में जनता मजदूर संघ ने अपनी 9‌ सूत्री मांगों को लेकर सीसीएल के एएडीओसीएम‌ (अमलो) परियोजना ऑफिस के सामने धरना-प्रदर्शन किया। यहाँ पर धरना-प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने जोरदार नारेबाजी भी की। यूनियन के नेताओं ने कहा कि प्रबंधन को 9 सूत्री मांग पत्र भी सौंपा गया है। यूनियन ने पत्र में प्रबंधन से कहा है कि उनकी मांग को जल्द पूरा किया जाय अन्यथा मजबूर होकर फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है। आपको बता दें कि एएडीओसीएम‌ (अमलो) परियोजना में कोयला उत्पादन का काम होता है। यह कोल इंडिया लिमिटेड (CCL) की एक कोयला खदान है, जहां हाइवॉल माइनिंग तकनीक का इस्तेमाल करके कोयले का खनन किया जाता है।

यूनियन के सेफ्टी बोर्ड सदस्य रविंद्र कुमार सिंह, जोनल सचिव ओम प्रकाश सिंह उर्फ टीनू सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष अनिल सिंह, एरिया अध्यक्ष धीरज पांडे और एरिया सचिव विकास सिंह ,एरिया बोर्ड सदस्य ओम शंकर सिंह ने अपने संबोधन में प्रबंधन के खिलाफ जमकर बरसे और मजदूरों के साथ हो रहे सौतेलापन पर नाराजगी व्यक्त किया। यूनियन का आरोप है कि मजदूरों के हक़ के लिए प्रबंधन ने कोई पहल नहीं की है।

Jnata Majdoo Sangh staged a sit-in protest in front of CCL's Amlo PO office in Bermo
Jnata Majdoo Sangh staged a sit-in protest in front of CCL’s Amlo PO office in Bermo

यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि कोलियरी में भ्रष्टाचार की जड़े गहरी जमी हुई है। कोल कर्मियों को समय पर प्रोन्नति नहीं दी जाती है , जिससे कर्मी सालों से एक ही जगह पर कार्यरत हैं। इनका साफ कहना है कि इस प्रकार के भेदभाव और गैर इंसाफ़ी चलने नहीं दी जायेगी और समय पड़ने पर इन सबके खिलाफ जोरदार आंदोलन किया जायेगा। शाखा सचिव चंद्रभान सिंह और शाखा अध्यक्ष आशीष झा ने कहा कि मजदूरों की समस्याओं को लेकर सीसीएल प्रबंधन गंभीर नहीं है। यूनियन नेता विकास सिंह ने कहा कि “मजदूरों के हितों और उनके अधिकारों की अनदेखी प्रबंधन की तरफ की जा रही है, जो भविष्य में खतरनाक हालात पैदा करेंगी। ऐसी स्थिति नहीं आए इसके लिए प्रबंधन को अभी से ध्यान देना होगा। समय रहते मजदूरों को वाज़िब हक़ देना होगा और हमारी मांगो को मानना ही होगा।

यूनियन के नेताओं ने कहा कि मजदूरों और विस्थापितों के साथ भेदभाव और उपेक्षापूर्ण नीति के कारण लोगों में भारी गुस्सा और नाराजगी है, जो भविष्य में औद्योगिक अशांति और आंदोलन का कारण बन सकती है। यूनियन के नेताओं ने कहा कि प्रबंधन को 9 सूत्री मांग पत्र भी सौंपा गया है। यूनियन की ओर से
परियोजना के विभिन्न विभागों में संवेदनशील व अति संवेदनशील पदों पर सालों से एक ही जगह कार्यरत कर्मियों का स्थानांतरण करने, बीमार श्रमिकों का बेहतर इलाज की व्यवस्था कराने, उत्पादन काम में सुरक्षा नियमों का पालन करने, सिविल विभाग और अन्य विभागों के द्वारा प्राक्कलन के अनुसार काम कराने व सीसीएल का बोर्ड लगाने, खदानों में फर्स्ट एड, शौचालय, कैंटिन व शुद्ध पीने की पानी का इंतजाम कराने की मांग की गई है ।

इसके पूर्व एक्साभेशन परिसर से सैकड़ो की संख्या में लोग जुलूस की शक्ल में परियोजना कार्यालय पहुंचे. एएडीओसीएम प्रबंधन ने 15 अक्टूबर को मीटिंग आयोजित करने का पत्र दिया। इस मौके पर नवीन श्रीवास्तव, उज्जवल मुखर्जी, विभा सिंह, चंदन तिवारथा, प्रकाश कुमार, अख्तर अंसारी, गौतम कुमार, विनोद शर्मा, राजेश नायक, जितेंद्र यादव, मुकेश सिंह, दीपक कुमार, लालू केवट, भोला यादव, महादेव दास, गोपाल नायक, समरेश सिंह, प्रदीप सिंह, ललन यादव, शगुन दास, संजय जयसवाल आदि सैकड़ों लोग मौजूद थे।

Jetline

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