पटना : विशेष संवाददाता
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध अनुसंधान इकाई (EOU)ने निलंबित चर्चित आईपीएस राकेश कुमार दुबे के ठिकानों पर छापेमारी की है. भोजपुर के एसपी रहे राकेश दुबे के चार ठिकानों पर छापेमारी हुई है जिसमें दो ठिकाने पटना और दो झारखंड के हैं. बालू माफियाओं के साथ सांठगांठ कर अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोपित में भोजपुर के पूर्व एसपी राकेश कुमार दुबे के चार ठिकानों पर आज आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने छापेमारी हुई है .छापेमारी के दौरान जो बातें सामने आईं वो चौंकाने वाली हैं. मिली जानकारी अनुसार अपने सेवा काल में पद का दुरुपयोग कर पूर्व एसपी ने कई जगह जमीन, फ्लैट, दुकान, भू-खण्ड आदि अर्जित किए हैं. इस काम के लिए उन्होंने परिजनों, मित्रों, व्यवसायिक सहभागियों और अन्य के माध्यम से मनी लाउड्रिंग (धन शोधन) कर काले धन को सफेद बनाने का भी प्रयास किया है.
बिहार से बाहर भी कई कम्पनियों में नकद राशि का निवेश
अभी तक छापेमारी के दौरान ये बात सामने आई कि राकेश कुमार दुबे द्वारा पटना और देश के कई अन्य शहरों में रियल इस्टेट कम्पनियों में बड़ी मात्रा में निवेश किया गया है. सूचना के अनुसार उन्होंने आईपीसी इन्फ्रास्ट्रक्चर देवघर, रांची कामिनी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि (निदेशक, जावेद खान), पाटलीपुत्रा बिल्डर्स (निदेशक, अनिल कुमार), ख्याति कन्स्ट्रक्शन, मैक्स ब्लिफ नोएडा, उत्तर प्रदेश (प्रोपराईटर, अजय शर्मा), बिल्ड कॉन और कई अन्य बिल्डर्स के साथ उनकी कम्पनियों में नकद राशि के निवेश कर रखे हैं. आज की तलाशी के क्रम में उनके द्वारा ख्याति कंस्ट्रक्शंस के बैंक खाते में 25 लाख रुपये हस्तान्तरित किए जाने का साक्ष्य पाया गया है. फुलवारी शरीफ में अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी के पद पर पदस्थापन के दौरान काफी जमीन क्रय किए जाने की सूचना है. उनके मां और बहन के नाम से भी कई चल और अचल परिसम्पत्तियों के होने की जानकारी मिली है. झारखण्ड के जसीडीह, देवघर, झारखण्ड में सचिन्द्र रेसिडेन्सी नामक होटल, सुखदानी रेस्टोरेंट और एक मैरेज हॉल के निर्माण में भी पूर्व एसपी की अवैध कमाई निवेशित हैं. वहीं, उनके द्वारा स्वयं और अपनी पत्नी के नाम पर म्यूचुअल फंड में करीब 12 लाख रुपये निवेश किये गये हैं.सूत्रों के अनुसार पूर्व एसपी राकेश दुबे द्वारा आय के ज्ञात और वैध स्रोतों से करीब 2,55,49,691 रुपये से अधिक की परिसम्पत्तियां अर्जित किए जाने के साक्ष्य अबतक मिले हैं. इसके साथ ही तलाशी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं.
राज्यपाल के एडीसी रहे आईपीएस अधिकारी बने राकेश दुबे के बारे में जानिए
बिहार के राज्यपाल के एडीसी रहे आइपीएस अधिकारी राकेश कुमार दुबे को 6 अप्रैल 2021 को भोजपुर जिले का नया एसपी बनाया गया था. राकेश दुबे आतंकी निरोध दस्ता (ATS) एसपी के अतिरिक्त प्रभार में भी थे. वे लंबे समय तक सीबीआई (CBI) में भी रहे थे. राकेश दुबे मूल रूप से झारखंड के जसीडीह के सिमरिया गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने बिहार पुलिस में 25 नवंबर, 2000 को योगदान दिया था. 42वीं बीपीएससी बैच से उनका चयन पुलिस उपाधीक्षक यानी डीएसपी के पद पर हुआ था. सबसे पहले पटना कोतवाली थाना में प्रशिक्षु डीएसपी के रूप में योगदान दिया था. पुलिस सेवा के दौरान वह पटना, गया के साथ कई जगहों पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी व डीएसपी के पद पर रहे. इसके अलावा आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) में भी सेवा दी. लंबे समय तक वह राजभवन में एडीसी के पद पर भी रहे. पिछले साल दिसंबर में गृह मंत्रालय ने उनका प्रमोशन आइपीएस के रूप में किया. बतौर आईपीएस अफसर भोजपुर एसपी उनकी पहली पोस्टिंग थी. राकेश दुबे काफी सालों तक सीबीआई में रहे. वे बिहार के चर्चित चारा घोटाले के अनुसंधानकर्ता भी थे. जब बिहार में रंगदारी के लिए हत्याएं और फिरौती के लिए अपहरण का दौर चरम पर था, तब अपराध पर लगाम लगाने के लिए राकेश दुबे ने बतौर डीएसपी काफी सुर्खियां बटोरीं थीं. तीन साल तक पटना टाउन डीएसपी रहे और इस दौरान उन्होंने मुठभेड़ में आधा दर्जनों दुर्दांत अपराधियों को मार गिराया था. राकेश कुमार दुबे तक एसटीएफ में भी अपनी सेवा दे चुके हैं. उनके पिता स्व. एसएन दुबे भी डीएसपी थे. राकेश दुबे भले ही बालू के अवैध खनन मामले में निलंबित हुए हों, मगर जांच के क्रम में उनके पूरे सेवाकाल के दौरान अर्जित संपत्ति की जांच की गई है. यही कारण है कि इतने बड़े स्तर पर अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है.


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