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भारत क्रिकेट टीम ने आखिरकार इंग्लैंड के बर्मिंघम में टेस्ट मैच जीत लिया है. 58 साल में पहली बार शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया.
पांच मैचों की सीरीज में पहला टेस्ट हारने के बाद शुभमन गिल एंड टीम पर दबाव था. अब सीरीज में दोनों टीम बराबर पर आ गयी है, अभी तीन मैच और खेलने है. टीम इंडिया इंग्लैंड में 18 साल से टेस्ट सीरीज नहीं जीत सकी है.
1 -1 की बराबरी पर दोनों टीम
भारत ने इंग्लैंड के बर्मिंघम में टेस्ट मैच जीत लिया है. बर्मिंघम टेस्ट में भारत ने इंग्लैंड को 336 रनों के अंतर से हरा दिया है. बर्मिंघम टेस्ट में भारत ने इंग्लैंड को 608 रन का लक्ष्य दिया था. यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार है जब इंग्लैंड को एजबेस्टन मैदान पर भारत के खिलाफ हार मिली है. चौथी पारी में इंग्लिश टीम को जीत के लिए 608 रन बनाने थे, लेकिन इसके जवाब में इंग्लैंड की पूरी टीम सिर्फ 271 रनों पर सिमट गई और 336 रनों से मैच हार गई.
आकाश दीप और मोहम्मद सिराज ने शानदार गेंदबाजी के दम पर इंग्लैंड के बल्लेबाजों को धराशाई किया. एजबेस्टन में ये टीम इंडिया की पहली जीत है. भारत के कप्तान शुभमन गिल ने दोनों पारियों में शतक जड़ा. पहली पारी में दोहरा शतक (269) जड़ने के बाद दूसरी पारी में भी उन्होंने शतकीय (161) पारी खेली. वह एक टेस्ट में सबसे ज्यादा रन (430) बनाने वाले भारत के पहले और दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बने. गिल को इस पारी के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच भी चुना गया. टीम इंडिया 25 साल के युवा कप्तान शुभमन गिल की लीडरशिप में उत्तरी है. वहीं इंग्लैंड की कमान 34 साल के अनुभवी ऑलराउंडर बेन स्टोक्स संभाल रहे हैं.
जानिए भारत के इंग्लैंड दौरे का शेड्यूल
पहला टेस्ट: 20 जुलाई से 24 जुलाई हेडिंग्ले में
दूसरा टेस्ट: 2 जुलाई से 6 जुलाई बर्मिंघम में
तीसरा टेस्ट: 10 जुलाई से 14 जुलाई तीसरा टेस्ट लॉर्ड्स में
चौथा टेस्ट: 23 जुलाई से 27 जुलाई चौथा टेस्ट मैनटेस्टर में
पांचवा टेस्ट: 31 जुलाई से 4 अगस्त पांचवा टेस्ट केनिंग्टन ओवल में
जानिए भारत का इंग्लैंड में कैसा रहा है सफर
भारत ने अपना क्रिकेट सफर 1932 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच खेल कर ही शुरू किया था. कर्नल सीके नायडू ने मुकाबले में भारत की कप्तानी की. हालांकि, टीम को लॉर्ड्स स्टेडियम में 4 दिन चले मुकाबले में 158 रन से हार का सामना करना पड़ गया. 1932 से 2025 तक 94 साल में टीम इंडिया ने इंग्लैंड में 19 टेस्ट सीरीज खेलीं. भारत ने 3 जीतीं, जबकि 2 ड्रॉ खेलीं. वहीं 14 में टीम को हार का सामना करना पड़ा. इंग्लिश कंडीशंस में इंग्लैंड के खिलाफ भारत महज 13% टेस्ट जीत सका है. भारत को इंग्लैंड में पहली टेस्ट सीरीज जीतने में 39 साल लग गए. 1971 में टीम इंडिया ने अजीत वाडेकर की कप्तानी में 3 टेस्ट की सीरीज के शुरुआती 2 मैच ड्रॉ कराए, वहीं आखिरी मुकाबले को जीतकर सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली। भारत को इंग्लैंड में पहली सीरीज जीतने से पहले 6 सीरीज गंवानी पड़ी थीं.
भारत ने इंग्लैंड में 18 साल पहले आखिरी सीरीज जीती
1971 के बाद भारत ने इंग्लैंड में 3 लगातार सीरीज गंवाईं, फिर कपिल देव की कप्तानी में 3 टेस्ट की सीरीज 2-0 से जीत ली. इसके बाद भारत ने 2002 में सौरव गांगुली की कप्तानी में 4 मैचों की सीरीज 1-1 से ड्रॉ खेली, फिर 2007 में अगली ही सीरीज राहुल द्रविड़ की कप्तानी में जीत ली. 2007 में जीत के बाद भारत को एमएस धोनी की कप्तानी में लगातार 2 सीरीज गंवानी पड़ीं. 2018 में विराट कोहली की लीडरशिप में भी टीम हार गई, लेकिन 2021 में कोहली ने ही 5 टेस्ट की सीरीज में 2-1 की बढ़त दिला दी. कोरोना महामारी के कारण सीरीज का आखिरी मुकाबला अगले साल खेला गया, लेकिन तब तक कोहली ने कप्तानी छोड़ दी. जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में भारत ने आखिरी टेस्ट खेला, लेकिन टीम हार गई और सीरीज 2-2 से ड्रॉ हो गई.

