जनगणना का पहला चरण एक अप्रैल 2026 से होंगे शुरू, जातियों की भी होगी गिनती

दिल्ली ।

दो दशक के बाद भारत में आगामी जनगणना के लिए घरों की गिनती का कार्य पहला चरण में 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होगा. इस दफे जनगणना दो चरणों में होगी, जिसमें घरों की आवासीय स्थिति, संपत्ति, सुविधाओं और लोगों के जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक विवरण एकत्र किए जाएंगे.

भारत के महापंजीयक ने यह जानकारी दी है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में, भारत के जनगणना आयुक्त और महापंजीयक मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि घरों का सूचीकरण अभियान और आवास गणना एक अप्रैल, 2026 से शुरू होगी. इसके पहले अंतिम जनगणना 2011 में हुई थी. पत्र में कहा गया है कि उससे पहले राज्यों एवं जिला प्रशासन के सहयोग से पर्यवेक्षकों एवं गणकों की नियुक्ति की जाएगी तथा उनके बीच कामों का विभाजन किया जाएगा. जनगणना दो चरणों में होगी. पहले चरण में यानी घरों के सूचीकरण अभियान (एचएलओ) में प्रत्येक घर की आवासीय स्थिति, संपत्ति और सुविधाओं के बारे में जानकारी एकत्र की जाएगी.

जनगणना में जातियों की भी गिनती होगी

दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना (पीई) में हर घर में प्रत्येक व्यक्ति का जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और अन्य विवरण एकत्र किया जाएगा और यह चरण एक फरवरी, 2027 से शुरू होगा. एक सरकारी बयान में कहा गया था कि जनगणना में जातियों की भी गिनती की जाएगी. इस बार कार्य के लिए 34 लाख से अधिक गणक और पर्यवेक्षक तथा लगभग 1.3 लाख जनगणना कार्यकर्ता तैनात किए जाएंगे. यह अब तक की 16वीं और आजादी के बाद आठवीं जनगणना है. आगामी जनगणना ‘मोबाइल एप्लीकेशन’ की मदद से डिजिटल माध्यम से की जाएगी. लोगों को स्व-गणना का प्रावधान भी उपलब्ध कराया जाएगा.

नागरिकों से पूछे जाने वाले प्रश्न तैयार

महापंजीयक और जनगणना आयुक्त कार्यालय ने नागरिकों से पूछे जाने वाले लगभग तीन दर्जन प्रश्न तैयार किए हैं. सर्वेक्षण के दौरान विभिन्न घरों में फोन, इंटरनेट, वाहन (साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, कार, जीप, वैन) और उपकरणों (रेडियो, टीवी, ट्रांजिस्टर) आदि के स्वामित्व के बारे में पूछा जाएगा. लोगों से अनाज उपभोग, पेयजल और प्रकाश के स्रोत, शौचालयों के प्रकार और सुलभता, अपशिष्ट जल निपटान, स्नान और रसोई की सुविधाओं, खाना पकाने के लिए प्रयुक्त ईंधन और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन के बारे में भी जानकारी ली जाएगी.

जानिए पहले कब-कब हुआ था जनगणना

भारत में पहली जनगणना 1872 में लॉर्ड मेयो के शासनकाल के दौरान हुई थी, लेकिन यह एक वैज्ञानिक और समकालिक जनगणना नहीं थी. पहली संपूर्ण और वैज्ञानिक जनगणना 1881 में लॉर्ड रिपन के शासनकाल के दौरान आयोजित की गई थी. स्वतंत्रता के बाद पहली जनगणना 1951 में हुई थी. भारत में 10 साल के अंतराल पर जनगणना होती है. 2011 तक कुल 15 जनगणनाएं हो चुकी थीं. नवीनतम जनगणना 2011 में हुई थी, और 2021 में होनी थी, लेकिन COVID-19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था और अब यह 2026 में कराई जाएगी.

डॉ. निशा सिंह

Jetline

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