बिहार SIR मॉडल देश भर में होगा लागू ! चुनाव आयोग ने 10 सितंबर को बुलाई बैठक

SIR Update: EC Calls Meet CEOs on SIR issue On September 10

दिल्ली : शार्प वे न्यूज़ नेटवर्क

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बिहार विधान सभा चुनाव 2025 के बाद पूरे देश में होगा SIR की योजना को लागु करने पर विचार हो रहा है। चुनाव आयोग ने इसकी तैयारियों पर चर्चा लिए 10 सितंबर को बुलाई अहम बैठक बुलाई है। आयोग ने 10 सितंबर को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की बैठक बुलाई है। बैठक में मतदाता सूची संशोधन, आचार संहिता और चुनावी पारदर्शिता पर चर्चा होगी।

बिहार के बाद अब देशभर में एक जनवरी 2026 को पात्रता तिथि मानकर विशेष मतदाता सूची संशोधन की योजना है। सूत्रों ने बताया कि बिहार के बाद अब देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) लागू करने की तैयारी है। इस प्रक्रिया की पात्रता तिथि एक जनवरी 2026 रखी गई है। चुनाव आयोग ने 24 जून को आदेश जारी कर एसआईआर की घोषणा की थी। हालांकि इसे पहले सिर्फ बिहार में लागू किया गया था। अब आयोग ने तय किया है कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस पर काम आगे बढ़ेगा।

SIR Update: EC Calls Meet CEOs on SIR issue On September 10:

इस बैठक में मतदाता सूची की समीक्षा, आचार संहिता का पालन, तकनीकी सुधार और पारदर्शिता जैसे विषय एजेंडे में शामिल होंगे। बिहार के बाद अब देशभर में एक जनवरी 2026 को पात्रता तिथि मानकर विशेष मतदाता सूची संशोधन की योजना है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में चुनाव से जुड़े सभी अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। मतदाता सूची की समीक्षा, आचार संहिता का पालन, तकनीकी सुधार और पारदर्शिता जैसे विषय एजेंडे में शामिल होंगे। माना जा रहा है कि बैठक का मकसद आगामी चुनावों को सुचारू और विश्वसनीय ढंग से आयोजित करना है।

इस बैठक में सभी सीईओ को अपने-अपने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की स्थिति पर पर रिपोर्ट देगी । इसमें मतदाताओं की संख्या, पिछली गहन समीक्षा की जानकारी और संशोधन की मौजूदा स्थिति शामिल होगी। चुनाव आयोग के आदेश के बाद ही अंतिम समयसीमा तय होगी। बैठक दिल्ली के द्वारका स्थित चुनाव आयोग के इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट में आयोजित होगी।

चुनाव आयोग ने कहा था कि 2003 के बाद से गहन संशोधन (इंटेंसिव रिवीजन) नहीं हुआ है। शहरीकरण और पलायन की वजह से मतदाता सूची में डुप्लीकेट नामों की आशंका बढ़ गई है। इसलिए हर व्यक्ति के नामांकन से पहले गहन सत्यापन जरूरी है। सामान्यत: हर साल मतदाता सूची में संशोधन होता है, लेकिन इस बार पूरी सूची नए सिरे से तैयार की जा रही है।

SIR बिहार मॉडल बनेगा आधार

बिहार में इस प्रक्रिया को पहले ही लागू किया गया था। वहां नए एन्यूमरेशन फॉर्म और 11 दस्तावेजों की सूची जारी की गई थी। सभी मौजूदा मतदाताओं को फॉर्म भरना पड़ा और 2003 के बाद जुड़े नामों के लिए पात्रता दस्तावेज देना अनिवार्य था। अब यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए आधार बनेगा। बिहार की अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी। बिहार SIR के बाद हर मतदाता को नया वोटर आईडी मिलेगा।

Jetline

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