पटना : उमेश नारायण मिश्रा
आजादी के बाद पहली बार आज यानी 24 सितंबर को पटना में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक हुई। इस बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, सलमान खुर्शीद और सचिन पायलट जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए। इसके पहले 24 सितम्बर को पटना में 5 घंटे तक चली कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) बैठक ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।
राहुल गांधी ने बिहार कांग्रेस को संदेश दिया कि इस बार हमलोग बिलकुल मुकाबले में , मिलकर काम करें। राहुल गांधी ने बिहार के कांग्रेस नेताओं से कहा है कि वे अपना जोश और उत्साह बनाए रखें। चुनाव नजदीक है, जोश और ऊर्जा में कमी नहीं आनी चाहिए।
उन्होंने वोटर अधिकार यात्रा के दौरान मिले समर्थन का हवाला दिया और महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बात कही। उन्होंने आगे कहा कि मैं महसूस कर रहा हूं कि वोटर अधिकार यात्रा के दौरार जो ऊर्जा थी, जोश था, उसमें कमी आई है। ऐसा होना पार्टी की सेहत के लिए बेहतर नहीं। राहुल गांधी ने कहा कि सीटों पर भी सम्मानजनक समझौता होगा। कांग्रेस अपने एजेंडे पर महागठबंधन के सहयोगी दलों के साथ सहमति बनाएंगे और उसे जनता के बीच लेकर जाएंगे।
इस बैठक में कांग्रेस ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर प्रस्ताव पास किए। मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में नेताओं ने संविधान को पुनस्र्थापित करने और भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया। बिहार में महागठबंधन सरकार बनाने की बात और मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना की गयी।
करीब साढ़े की बैठक में कांग्रेस के 51 प्रतिनिधियों ने बिहार विधानसभा चुनाव सहित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मसलों पर गहन मंथन किया। बैठक में कांग्रेस ने राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया और बिहार के मतदाताओं के नाम अपील भी जारी की।

